अपनी इन मांगों को लेकर होमगार्ड जवानों की शिवराज सरकार से नाराजगी, नौकरी पर खतरा

वही होमगार्ड जवानों को चेतावनी दी है कि अगर उन्हें सरकार या राज्य शासन के खिलाफ कोई प्रदर्शन किया तो इसका खतरा उन्हें नौकरी पर देखने को मिलेगा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में परमानेंट (permanent) होने के बाद शिवराज सरकार हर तरफ से घिरती नजर आ रही है। अतिथि शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी के बाद अब मध्य प्रदेश के होमगार्ड (Home guard) जवान भी अपनी मांग को लेकर सरकार से नाराज चल रहे है। होमगार्ड जवान का कहना है कि सत्ता में आने से पहले सीएम शिवराज (CM Shivraj) ने उनकी मांगों का समर्थन किया था। वहीं सत्ता में आने के बाद अब सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

दरअसल मध्य प्रदेश में होमगार्ड जवान की मांग है कि सरकार पूरे 12 महीने तक उनकी ड्यूटी बढ़ाए जबकि अभी प्रदेश में होमगार्ड जवानों को सिर्फ 10 महीने ही नौकरी पर रखा जाता है। इसके बाद 2 महीने के लिए उन्हें नौकरी से छुट्टी दे दी जाती है और इन 2 महीने का वेतन (salary) भी होमगार्ड जवानों को नहीं दिया जाता। मध्यप्रदेश में कुल 13000 होमगार्ड जवान हैं।

जिनमें से रोटेशन प्रक्रिया (Rotation process) के तहत 3000 जवान ऐसे है। जिन्हें सिर्फ 10 महीने ही ड्यूटी करवाई जाती है बाकी के 2 महीने बिना वेतन के उन्हें छुट्टी दे दी जाती है। वहीं सरकार की इस नियम के खिलाफ होमगार्ड जवान लगातार लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं पर ना तो तब की तत्कालीन कमलनाथ सरकार (kamalnath government) ने और ना ही अब शिवराज सरकार होमगार्ड की इन मांगों पर ध्यान दे रही है।

Read More: दमोह : ऑपरेशन के बाद महिलाओं को नसीब नहीं हुआ स्ट्रेचर, गोद में उठाकर ले जाते नजर आए परिजन

इस मामले में होमगार्ड जवानों का कहना है कि जब प्रदेश में कमलनाथ की सरकार थी। तब होमगार्ड जवान अपनी मांगों को शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) और गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) से मुलाकात की थी तभी नेताओं ने होमगार्ड के जवानों की परेशानी और मांग को लेकर अपना समर्थन दिया था और कहा था कि वह सरकार से उनकी इस मांग को पूरी कराने की कोशिश करेंगे। वहीं अब सत्ता परिवर्तन के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद 2009 से प्रदेश में रोटेशन प्रोसेस बंद था। सत्ता में आने के बाद कमलनाथ सरकार ने 2020 में इसे लागू कर दिया था। वही सत्ता पलट के बाद शिवराज सरकार ने भी कोरोना को देखते हुए इसे 6 महीने की अवधि के लिए बढ़ाया था। अब एक बार फिर शिवराज सरकार ने रोटेशन प्रोसेस 2009 को 1 दिसंबर से लागू कर दिया है। जिसके बाद होमगार्ड जवानों में इस फैसले का विरोध देखने को मिल रहा है। वही होमगार्ड जवानों को चेतावनी दी है कि अगर उन्हें सरकार या राज्य शासन के खिलाफ कोई प्रदर्शन किया तो इसका खतरा उन्हें नौकरी पर देखने को मिलेगा।