संक्रमण काल में शिक्षा की लौ जलाने वाले प्रधानाध्यापक की कोरोना से मौत, शिक्षकों की ये मांग

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में कोरोना अब अपने विकराल स्थिति में पहुंच गया है। एक तरफ जहां आए दिन बड़ी संख्या में संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना से जंग हार रहे मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच गुरुवार को प्रदेश के लिए एक बुरी खबर सामने अाई। जहां इस संक्रमण काल में भी विद्यार्थियों के बीच शिक्षा की लौ जलाने वाले प्रधानाध्यापक प्रशांत सिंह चंदेल की संक्रमण से मौत हो गई है।

दरअसल शिक्षक प्रशांत सिंह चंदेल शासकीय माध्यमिक शाला बरखेड़ा नाथू में प्रधान अध्यापक थे। पिछले सप्ताह उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वही आज इलाज के दौरान उन्होंने अपने अंतिम सांस ली। प्रधानाध्यापक ‘हमारा घर, हमारा विद्यालय’ कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर मोहल्ला क्लास संचालित करवा रहे थे और साथ ही बच्चों की पढ़ाई करवा रहे थे। बता दे कि प्रधानाध्यापक प्रशांत सिंह चंदेल की पत्नी आभा सिंह भी सरकारी शिक्षक हैं।

इधर शासकीय अध्यापक संगठन के प्रदेश संयोजक उपेंद्र कौशल ने प्रशांत सिंह चंदेल को कोरोनावरियर्स घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है चंदेल शिक्षा का कर्तव्य निभाते हुए राज्य शासन के आदेश का पालन करते हुए कोरोना पॉजिटिव हुए थे। प्रधानाध्यापक की मौत के बाद शिक्षकों में असंतोष की भावना आ गई है और वह आक्रोशित हैं। वहीं शिक्षकों की मांग है कि दिवंगत शिक्षकों को कोरोना योद्धा का दर्जा देकर उन्हें शासकीय सुविधाओं का लाभ दिया जाए।

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