कटनी: इस बेटी ने की अनूठी पहल, पहली कमाई को लगाया जरूरतमंदों की सेवा में

कटनी।वंदना तिवारी

कटनी की युवा पीढ़ी की प्रेरणा बनी रिशु। जिसने अपनी पहली कमाई जरूरतमंदों की सेवा में लगा दी। मन में सेवा की भावना रिशु ने अपने सपनों की पहली कमाई पीड़ितों की लगा दी। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते लाखों की संख्या में मजदूर वर्ग को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के कारण रोजगार छिन जाने और आर्थिक तंगी के चलते खाने तक के लाले पड़ गए हैं। घर वापसी के लिए पैसा ना होने पर अपने परिवार के संग पैदल सफर करने में मजबूर हुए प्रवासी मजदूर आपदा पीड़ित मजदूरों की मदद के लिए प्रशासन से लेकर सामाजिक कई संगठनों जनप्रतिनिधियों द्वारा बढ़-चढ़कर सहयोग किया जा रहा है।

मुसीबत की इस घड़ी में नगर के सिविल लाइन निवासी रिशु जैन ने सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है। अपने करियर की पहली तनख्वाह पाकर लोग अक्सर मंदिरों में चढ़ावा करते हैं पार्टी मनाते हैं या फिर स्वयं की जरूरतों को पूरा करते हैं। लेकिन रिशु जैन को जब अपनी नौकरी से पहली पेमेंट मिली तो उन्होंने सारा वेतन गरीब और जरूर मन जरूरतमंदों की सेवा में खर्च कर दिया देश में उपजे हालात को देखकर पीड़ितों की मदद के लिए रिशु जाने मन में वेदना उठती रही। ऋषि जैन की पारिवारिक हालत काफी अच्छी है लेकिन अपने पिता से पैसे लेकर गरीबों की मदद करने को अपने आत्मसम्मान के विपरीत समझा स्वयं कुछ करने के लिए नौकरी की और जब पहली बार उसे अपने मेहनत की पूंजी मिली तो उसने पीड़ितों की मदद करने के लिए जो इरादा किया था। उसे पूरा किया अपने पूरे पेमेंट को गरीबों को भोजन कराने में व्यय कर दिया ।रिशु जैन ने 2 दिनों में करीब 600 प्रवासी मजदूरों व गरीबों को भोजन पानी उपलब्ध कराया।

उनके परिजनों ने बताया कि रिशु जैन में सेवा की ऐसी भावना है कि उसने स्वयं करीब 12 घंटे तक पानी भी नहीं पिया पीड़ितों की सेवा में जुटी रही। रिशु के माता पिता ने बताया अपनी पुत्री की सेवा संकल्प को देख उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। माता-पिता और परिजनों ने अपनी पुत्री के सेवा कार्य को युवा वर्ग के लिए प्रेरणा बताया रिशु की इस मानव सेवा को देखकर सोशल मीडिया में काफी सराहा गया और साथी कई युवा पीढ़ी की प्रेरणा बनी साथ में एक नेक काम के लिए रिशु ने अपने सपनों की कमाई को लगाया। जिससे रिशु के माता पिता को अपनी बेटी के ऊपर बेहद गर्व हो रहा है आज रिशू ने आत्मनिर्भरता की सही उदहारण को साकार किया है कि माता पिता की कमाई नही बल्कि खुदकी मेहनत की पहली कमाई को उन जरूरत मंदो में खर्च किया और युवा पीड़ी में के उदाहरण पैश किया कि अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह खर्च करने से उसका मूल्य कई गुना बड़ जाता है। मानव सेवा से बड़ा वैसे भी कुछ नही और आज रिशु ने बताया कि ये करके उसे खुद बेहद खुशी मिल रही है। जिसे वो शब्दों में बयाँ नही कर सकती साथ ही सभी युवा पीढ़ी से अपील भी की अपनी पहली कमाई को पार्टी या समान में व्यर्थ न करे बल्कि जरूरत मंदो की की मदद में लगाये उसे बड़ी कोई और खुशी नही मिलेगी ये खुदको महशुस होगा कि हमने किसी के चहरे में मुस्कुराहट लाने में खर्च की उससे बड़ा कोई और सदुपयोग मैं लगाया।

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