जबलपुर: वेटरनरी कॉलेज बना तेंदुआ का अड्डा, वन विभाग की टीम ट्रैपिंग में जुटी

कहा जा रहा है कि तेंदुए ने वापस जंगल की ओर प्रस्थान कर लिया है। हालांकि तेंदुए को लेकर वन विभाग की टीम किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि अब तेंदुए को ट्रेस करने के लिए सर्किट हाउस और वैटनरी कालेज के आसपास कैमरा ट्रैपिंग की जाएगी।

तेंदुआ

जबलपुर, संदीप कुमार। हाल में बीते 3 महीने पहले यह देखा गया था कि शहर के नया गांव में एक मादा तेंदुए आपने कुछ बच्चों के साथ विचरण कर रही है। जिसको लेकर वन विभाग के अमले ने रेस्क्यू करने का काफी प्रयास किया पर उस पर वन विभाग पूरी तरह से असफल रहा। इसी बीच एक बार फिर रिहायशी इलाके में ही तेंदुए की सुगबुगाहट से हड़कंप मच गया है। इस बार तेंदुए ने वीआईपी सर्किट हाउस और वेटरनरी कॉलेज को अपना अड्डा बनाया है।

वन विभाग को जैसे ही सूचना मिली की सर्किट हाउस के आसपास तेंदुआ देखा जा रहा है। वैसे ही वन विभाग का अमला पुलिस के साथ तेंदुआ को तलाश करने में जुट गया। तेंदुए को पकड़ने के लिए सर्किट हाउस और वेटनरी कॉलेज के पास पिंजरा भी लगाया गया पर तेंदुआ नही दिखा। वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजना सुचिता तिर्की ने बताया कि आज सुबह से लगातार तेंदुए को तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है पर तेंदुआ नहीं दिखा।

Read More: कमलनाथ ने चुनाव आयोग को लिखा शिकायती पत्र, मप्र पुलिस पर लगाए यह आरोप

कहा जा रहा है कि तेंदुए ने वापस जंगल की ओर प्रस्थान कर लिया है। हालांकि तेंदुए को लेकर वन विभाग की टीम किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि अब तेंदुए को ट्रेस करने के लिए सर्किट हाउस और वैटनरी कालेज के आसपास कैमरा ट्रैपिंग की जाएगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरो का भी वन विभाग सहारा लेगा।

गौरतलब है कि हाल ही के कुछ महीनों में देखा गया है कि जंगल में रहने वाले तेंदुए ने रिहायशी इलाकों को अपना रहवास क्षेत्र बना लिया है। इसकी वजह यह भी है कि लगातार घटता जंगल जहां पर की जंगली जानवर आराम से रहा करते थे पर उस स्थान पर भी इंसानों का आना जाना होने लगा है।