MP Politics: कमलनाथ का शिवराज सरकार पर वार- एक एक घोषणा का हिसाब लेगी कांग्रेस

भोपाल लौटने के साथ ही कमलनाथ ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अब ऐसे में आगे कांग्रेस की रणनीति और शिवराज सरकार के जवाब प्रदेश की दिशा और दशा में बदलाव की पहल करेंगे।

MP Politics

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सोमवार को नई दिल्ली से भोपाल (bhopal) पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamalnath) एक बार फिर से एक्शन में आ गए हैं। भोपाल पहुंचने के तुरंत बाद ही उन्होंने शिवराज सरकार (shivraj government) को घेरने का काम किया है। कमलनाथ ने कहा कि चुनाव खत्म हो गया, परिणाम भी आ गए लेकिन अब तक घोषणाओं और दावों की पूर्ति नहीं हुई। बावजूद इसके अभी घोषणाओं का खेल जारी है।

दरअसल कमलनाथ ने एक के बाद एक ट्वीट (tweet) करते हुए सोमवार को शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि चुनाव खत्म हो गए परिणाम भी आ गए लेकिन अब तक न हीं अतिवर्षा और कीटों के प्रकोप से खराब फसलों का किसानों (farmers) को मुआवजा मिला है और ना ही अभी तक किसी को फसल बीमा (crop insurance) की पर्याप्त राशि उपलब्ध हो पाई है।

कमलनाथ यही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी को सातवें वेतनमान की तीसरी किस्त की 25% राशि भी नहीं मिली और ना ही किसी कर्मचारी को दिवाली त्योहार का घोषित एडवांस ही दिया गया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा की बातें तो अनेक किए गए किंतु अब तक मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लाखों किसानों को 2000 रुपए की घोषित किस्त तक अदा नहीं की गई है। फिर भी अब तक प्रदेश में घोषणाओं का खेल जारी है।

Read More: मध्यप्रदेश में स्मार्ट मंडियों को लेकर कृषि मंत्री कमल पटेल का बड़ा बयान

शिवराज सरकार पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि कांग्रेस (congress) अब चुप नहीं बैठेगी। वह एक एक घोषणाओं का हिसाब लेगी। उपचुनाव में बीजेपी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) द्वारा किए गए बड़ी घोषणा पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को गुमराह करने के लिए हजार करोड़ की घोषणाएं कर दी गई। कई बड़े-बड़े दावे और वादे किए गए। अब सरकार को एक एक घोषणा का हिसाब देना होगा।

बता दे कि उपचुनाव (By-election) के परिणाम आने के बाद 12 नवंबर को कमलनाथ नई दिल्ली पहुंचे थे। जहां उपचुनाव को लेकर पार्टी हाईकमान से चर्चा करने के बाद एवं वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने के बाद सोमवार को कमलनाथ वापस भोपाल लौटे हैं। भोपाल लौटने के साथ ही कमलनाथ ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अब ऐसे में आगे कांग्रेस की रणनीति और शिवराज सरकार के जवाब प्रदेश की दिशा और दशा में बदलाव की पहल करेंगे।