बॉलीवुड पर मेहरबान कमलनाथ सरकार, अब किया ये बडा ऐलान

भोपाल।इन दिनों मध्यप्रदेश (madhypradesh) की कमलनाथ सरकार(kamalnath sarkar) बॉलीवुड(bollywood) पर ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रही है। आईफा (iifa)और फिल्मों(films) को एक के बाद एक टैक्स फ्री करने के बाद सरकार ने मध्यप्रदेश में फिल्म की 50 फीसदी  शूटिंग करने पर एक करोड़ रुपए का अनुदान देना का फैसला किया है।इसके लिए राज्य सरकार ने ‘मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति- 2020’ (‘Madhya Pradesh Film Tourism Policy – 2020’) को लागू कर दिया है। इसके तहत मध्यप्रदेश में फिल्म बनाने वालों को अनेक रियायतें प्रदान की जाएंगी। मार्च में होने वाले आईफा अवार्ड में फिल्म से जुड़ी 5 हजार हस्तियां पहुंचेगी। राज्य सरकार का मानना है कि फिल्मों की शूटिंग बढ़ने से राज्य के पर्यटक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से रोजगार (Employment)के अवसर बढ़ेंगे। नीति में फिल्मों के लिए प्रदेश को देश का ‘सेंट्रल हब’ बनाने के प्रयास भी किए गए हैं।

दरअसल, राज्य सरकार ने फिल्म पर्यटन नीति के अंतर्गत किसी भी भाषा में फिल्म निर्माण के लिये प्रदेश में फिल्मों के अधिक से अधिक फिल्मांकन पर अनुदान के पात्रता मापदंड निर्धारित किये हैं। पहली फिल्म की शूटिंग के लिये अनुदान एक करोड़ रूपये तक अथवा फिल्म की कुल लागत का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, देय होगा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में होना जरूरी है। इसी तरह, दूसरी फिल्म के लिये 1 करोड़ 25 लाख रूपये तक या फिल्म की कुल लागत का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, देय होगा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में होना जरूरी होगा।

इसके अलावा, तीसरी और आगे की फिल्मों के लिये 1 करोड़ 50 लाख रूपये तक या फिल्मों की लागत का 75 प्रतिशत, जो भी कम हो, देय होगा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में होना जरूरी होगा। फिल्म पर्यटन नीति में प्रदेश में 75 प्रतिशत से अधिक शूटिंग दिवस वाली फीचर फिल्म के फिल्मांकन में मध्यप्रदेश को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है, ऐसी फिल्म को प्रोत्साहित करने वाली प्रत्येक श्रेणी (प्रथम/द्वितीय/तृतीय एवं आगामी फिल्म) में 50 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। इसका निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जायेगा। प्रदेश पर आधारित कहानी/स्क्रिप्ट पर फिल्मांकन एवं फिल्म की परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत या 5 करोड़ रूपये, जो भी कम हो, पर विशेष अनुदान दिया जायेगा।

अनुदान का निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जायेगा। यदि फिल्म निर्माण में मध्यप्रदेश के स्थानीय कलाकारों को काम के अवसर दे रहे है, तो तीन स्तर पर अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर पर अधिकतम 25 लाख रूपये दिये जायेंगे। इसी तरह, 5 द्वितीय स्तर पर कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर के अतिरिक्त अन्य प्रमुख कैरेक्टर के कलाकारों के लिए अधिकतम 10 लाख रूपये अथवा दोनों श्रेणियों के लिये कलाकारों के वास्तविक भुगतान की 50 प्रतिशत राशि, जो भी कम हो, दी जायेगी।

फिल्म सुविधा सेल

मध्यप्रदेश में एक समर्पित फिल्म सुविधा सेल का गठन किया गया है। प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अध्यक्षता में यह सेल फिल्म पर्यटन विकास के लिये नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। यह सेल स्टेक होल्डर्स के साथ फिल्म पर्यटन नीति के क्रियान्वयन, प्रक्रिया निर्धारण, आवेदनों के निराकरण संबंधी समन्वय करेगा तथा फिल्म उद्योग की अद्यतन प्रवृत्तियों के अनुसार नीति संबंधी सुझाव एवं नियामक सुधार के लिए समय-समय पर प्रस्ताव तैयार करेगा।

सिंगल विंडो क्लीयरेंस

मध्य प्रदेश में फिल्मों/धारावाहिकों/वेब सीरिज की शूटिंग करने के इच्छुक फिल्म निर्माताओं के लिए वन-प्वाइंट एंट्रेस सिस्टम और समयबद्ध अनुमति तंत्र के लिए ऑनलाईन फिल्म वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है। यह पोर्टल फिल्म पर्यटन नीति के लिये सूचना-प्रसार के एक मंच के रूप में कार्य करेगा। इसमें फिल्म फेसीलिटेशन सेल द्वारा ऑल लाईन तरीके से वेब पोर्टल तैयार न होने तक ऑफ लाईन आवेदन लिये जायेंगे। अन्य सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी भी इस पोर्टल पर मिलेगी।। प्रत्येक जिले में एस.डी.एम.स्तर के अधिकारी को फिल्म पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिये नोडल अधिकारी प्राधिकृत किया जायेगा। नोडल अधिकारी जिला स्तर पर सहयोग और समन्वय भी करेंगे।

प्रचार-प्रसार एवं प्रोत्साहन सहायता

फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार मनोरंजन उद्योग का विकास कर रही है। इसके अंतर्गत थीम पार्क और सेल्फी प्वाइंट बनाये जा रहे हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय फिल्म समारोह, गोष्ठी और सेमीनार आयोजित किये जायेंगे। देश के प्रमुख फिल्म निर्माताओं के फेम टूअर्स आयोजित किये जायेंगे। प्रदेश के फिल्म शूटिंग स्थलों पर फिल्मांकित की गई फिल्मों और पर्यटन स्थल को पर्यटन उत्पाद के रूप में विकसित कर प्रचार-प्रसार किया जायेगा।