शिवराज के इस काम पर बोले Kamalnath- ‘ये कैसी सरकार’

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में कोरोना संकटकाल(Corona crisis in Madhya Pradesh) के बीच राज्य शासन लगातार कर्मचारियों की अनदेखी कर रहा है। आए दिन बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिल रहें। वहीं लगातार लगे लॉकडाउन(Lockdown) से लोगों की आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ा है। बावजूद इसके कोरोना योद्धा लगातार पूरी मेहनत और लगन से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। किंतु राज्य शासन द्वारा इस महामारी काल में भी उनके ऊपर खासा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश के करीबन डेढ़ लाख कोरोना वारियर्स को 4 महीने से आधे से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। जिस पर अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ(Former Chief Minister Kamal Nath) ने सरकार को घेरा है। कमलनाथ ने कहा कि बहनों के भाई कहलाते हैं और समय पर वेतन तक नहीं देते। वहीँ कमलनाथ ने मांग की है कि सरकार कोरोना योद्धाओं को पुरे वेतन कि अदायगी करे।

दरअसल शुक्रवार को ट्वीट करते हुए कमलनाथ ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार मानदेय में शामिल अपने अंश को नहीं मिला रही है। रक्षाबंधन पर्व पर भी कर्मचारियों को पूरा मानदेय नहीं दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी के वक़्त इनकी सेवाओं को देखते हुए तो इनको अलग से भी प्रोत्साहन राशि दी जाना चाहिये लेकिन ख़ुद को मामा कहलाने वाले बहनो को संकट की इस घड़ी में पूरा मानदेय तक नहीं दे रहे इसके साथ कमलनाथ ने कहा कि ये कैसी सरकार ? कोरोना की भीषण महामारी में अपनी जान जोखिम में डाल घर- घर जाकर कोरोना योद्धा की की भूमिका निभा रही आँगनवाडी कार्यकर्ता और सहायिकाओ को पिछले चार माह से आधा मानदेय ही दिया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नाथ ने मांग की ही कि कि तत्काल सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओ को उनका पिछले चार माह का बाक़ी मानदेय प्रदान किया जावे।

बता दें कि प्रदेश के करीबन 1लाख 80 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को 10,000 रुपए के बजाए सिर्फ 4,500 रुपए राज्य शासन द्वारा दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा पिछले 4 महीने से कटौती किए हुए वेतन का हिस्सा भी जमा नहीं किया गया है। संक्रमण काल में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए बड़ा झटका है। जिसपर अब कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा है।