Khandwa: कोर्ट के अंदर पहुंचा corona, 2 जज की रिपोर्ट पॉज़िटिव, अन्य लोग हुए होम क्वारंटाइन

खंडवा।सुशील विधानी।

मध्यप्रदेश में कोरोना का हॉटस्पॉट बने खण्डवा में कोरोना संक्रमण ने यहाँ की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को भी अपनी ज़द में ले लिया है। यहाँ डिस्ट्रिक्ट जज और उनकी पत्नी के साथ ही एक एडीजे के कोरोना पॉज़िटिव आने के बाद सभी न्यायाधीशों को होम कोरेन्टाईन कर दिया गया है। इसके चलते कोर्ट का सारा काम काज ठप्प हो गया। जबलपुर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने आज एक आदेश जारी कर खण्डवा कोर्ट में डिट्रिक्ट जज का अस्थाई प्रभार बुरहानपुर डिस्ट्रिक्ट जज को और चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का प्रभार हरसूद के सीजेएम को सौंप दिया है।

खण्डवा में आज एक और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज की कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है जबकि इसके पहले डिस्ट्रिक्ट जज और उनकी पत्नी की भी रिपोर्ट पॉज़िटिव आ चुकी है। इसके बाद खण्डवा कोर्ट में सभी न्यायाधीशों को होम कोरेन्टाईन कर दिया गया है ,जज कॉलोनी को कन्टेनमेंट क्षेत्र बना दिया गया है। यहाँ 86 न्यायिक अधिकारीगण, उनके परिवारजन और कर्मचारियों की कोरोना सेम्पलिंग हुई है इसके लिए उन्हें 14 दिन होम कोरोंटाइन रहना पड़ेगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आज जारी आदेश में स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियो के निवास क्षेत्र को कलेक्टर द्वारा कन्टेनमेंट एरिया घोषित किया गया है अतः न्यायिक अधिकारी 14 दिवस तक न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सकेंगे।

कारण उनके न्यायालय में नियत लंबित प्रकरणों की पेशी दिनांक एवं सुनवाई उनके उपस्थित होने पर ही की जाएगी। न्यायिक अधिकारियों के उक्त दिवसों के पूर्व उपस्थित होने पर अर्जेन्ट प्रकृति के प्रकरणों की शीघ्र सुनवाई की जा सकेगी।
इसके पूर्व जबलपुर उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार ने एक आदेश जारी कर बुरहानपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री वीरेन्द्र एस पाटीदार को खण्डवा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश का अतिरिक्त प्रभार अस्थाई रूप से सौंपा है। इसी तरह न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी , हरसूद सीता कनोजे को खण्डवा में पदस्थ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के क्वारंटीन अवधि पूर्ण कर लौटने तक अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोविड -19 के संक्रमण के चलते खण्डवा मुख्यालय पर कोई भी न्यायाधीश कार्य पर उपलब्ध न होने के कारण आगामी आदेश तक के लिए यह व्यवस्था अस्थाई रूप से की गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश नागौरी ने बताया कि अब जो भी सुनवाई होगी वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन्ही दोनो न्यायिक अधिकारीगण के समक्ष हो सकेगी। न्यायालय में अब 30 प्रतिशत के क़रीब ही कर्मचारी उपस्थित हो सकेंगे जिन्हे कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए गए। जिला न्यायालय में न्यायाधीशों के व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने की वज़ह से अब सभी अत्यावश्यक प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही हो सकेगी