जानिए शादियां ना होने पर सरकार को क्या होगा फायदा

भोपाल।

प्रदेश में 26 मई अक्षय तृतीया(akshay tritya) को होने वाले सामूहिक विवाह भी कोरोना(corona) के चपेट में आ गया है। देशव्यापी लॉक डाउन(lockdown) और महामारी(pandemic) के बीच इस बार अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह का आयोजन नहीं किया जाएगा। वहीं सरकार का अनुमान था कि इस वर्ष 25 हजार जोड़े अक्षय तृतीया के दिन शादी के बंधन में बंध सकते हैं। किंतु कोरोना संक्रमण के बीच अब अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह आयोजन टलता नजर आ रहा है।

दरअसल इस वर्ष अक्षय तृतीया 26 मई को है। जहां इसी दिन कन्यादान विवाह/ निकाह योजना में सामूहिक विवाह का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। किंतु देश में व्याप्त कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष अक्षय तृतीया पर शादियों का आयोजन टल सकता है। इस वर्ष 25000 जुड़े विवाह के बंधन में बंधने की उम्मीद थी। किंतु परिस्थिति को देखते हुए अक्षय तृतीया पर आयोजन को टालने की चर्चा हो रही है। अगर ऐसा होता है तो राज्य सरकार को करीब 127 करोड रुपए का फायदा निश्चित है।

बता दें कि इससे पहले 2019 में कमलनाथ(kamalnath) सरकार के समय 42000 शादियां हुई थी। किंतु 30000 जोड़ों को अब तक इसकी राशि नहीं मिल पाई है। वही अनुपूरक बजट में 65 करोड़ रुपए सामूहिक विवाह के लिए आवंटित किए गए थे किंतु विभाग को ये पैसे अब तक नहीं मिले हैं। वहीं 2018 में मध्यप्रदेश में अक्षय तृतीया के दिन 26 हजार शादियां हुई थी।

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