लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 : सीएम शिवराज ने की 2 बड़ी घोषणाएं, बेटियों को 12500 रुपये की पहली किश्त भी जारी

आज मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है। मेरी बेटियां बड़ी होकर मध्यप्रदेश का भविष्य बनाने वालीं हैं। बेटियों से ही जिंदगी है इसलिए हमने तय किया 52 जिलों में उनके नाम पर 52 पथ होंगे। देश व दुनिया में शायद पहली बार हो रहा है कि लाड़ली लक्ष्मियों के लिए वाटिका बनाई गई है।

cm shivraj singh

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज 2 नवंबर 2022 को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मियों को बड़ी सौगात दी है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश स्थापना उत्सव में आज 2 नवम्बर को लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का क्रियान्वयन शुरू किया और रविन्द्र भवन में लाड़ली लक्ष्मी समारोह में 1437 लाड़ली बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए पहली किश्त 12 हजार 500 रूपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण की। वही लाड़ली लक्ष्मी पथ और लाड़ली लक्ष्मी वाटिका का लोकार्पण किया।

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आज 2 नवबंर को पूरे प्रदेश में ‘लाड़ली लक्ष्मी वाटिका’ और ‘लाड़ली लक्ष्मी पथ’ का लाकार्पण किया गया। स्मार्ट सिटी पार्क में ‘लाड़ली लक्ष्मी वाटिका’ का लोकार्पण किया। सीएम ने कहा कि आज मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है। मेरी बेटियां बड़ी होकर मध्यप्रदेश का भविष्य बनाने वालीं हैं। बेटियों से ही जिंदगी है इसलिए हमने तय किया 52 जिलों में उनके नाम पर 52 पथ होंगे। देश व दुनिया में शायद पहली बार हो रहा है कि लाड़ली लक्ष्मियों के लिए वाटिका बनाई गई है।सचमुच आज मैं खुश हूं, गदगद हूं और मेरा रोम-रोम पुलकित है। आज #MPKiLadli सामने बैठी हुई हैं जो कॉलेज की पढ़ाई शुरू कर रही हैं। यह वह बेटियां हैं जिनमें से कई को मैंने गोद में खिलाया है।

सीएम ने कहा कि प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी वाटिका को थीम बेस्ड वाटिका के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस वाटिका का उपयोग लाड़ली बालिकाओं के जन्मोत्सव अथवा उनसे संबंधित अन्य कार्यक्रमों में भी किया जा सकेगा। वाटिका में ‘लाड़ली लक्ष्मी वाटिका’ अंकित करते हुए पट्टिका के साथ लाड़ली लक्ष्मी का लोगो भी लगाया जायेगा। सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि जिले के ऐसे एक मार्ग का नाम ‘लाड़ली लक्ष्मी पथ’ के रूप में रखा जाये, जिस पथ का पूर्व में अन्य किसी और नाम से नामकरण न हुआ हो। ऐसे पथ के दोनों और पर्याप्त संख्या में साईनेज लगाए जाएँ, जिनमें लाड़ली लक्ष्मी पथ का लोगो भी अंकित हो।

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बता दे कि प्रदेश में बेटी को बोझ नहीं वरदान बनाने की मंशा के साथ वर्ष 2007 में लाड़ली लक्ष्मी योजना में शुरू की गई। आज से 15 साल पहले शुरू हुई इस अनूठी पहल ने पूरे देश में बेटियों के प्रति एक नई सोच विकसित की। अनेक राज्यों ने म.प्र. की इस योजना को अपनाया। योजना की शुरूआत हुए आज 15 साल से अधिक वर्ष हो गये हैं। शुरूआती दौर में हमारी जो बेटियाँ लाड़ली लक्ष्मी बनी थी, उनकी 12वीं तक की शिक्षा का प्रावधान योजना के प्रथम चरण में रखा गया था। आज वे 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ओर अग्रसर हैं। इन बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और आत्म-निर्भरता के लिये ही लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 शुरू की गई है।

बता दे कि सीएम शिवराज सिंह ने लाड़ली उत्सव के दौरान लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के तहत उच्च शिक्षा के लिए दो किश्तों में 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि देने घोषणा की थी। इसी क्रम में प्रथम किश्त की राशि 12 हजार 500 रूपये का वितरण इस कार्यक्रम में किया गया। प्रदेश के जिलों में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रमों की लाईव स्ट्रीमिंग की जायेगी।वही ‘लाड़ली लक्ष्मी पथ’ और ‘लाड़ली लक्ष्मी वाटिका’ का लोकार्पण भी किया।

सीएम शिवराज सिंह चौहान के भाषण के अंश

  • आज मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है। मेरी बेटियां बड़ी होकर मध्यप्रदेश का भविष्य बनाने वालीं हैं। बेटियों से ही जिंदगी है इसलिए हमने तय किया 52 जिलों में उनके नाम पर 52 पथ होंगे। देश व दुनिया में शायद पहली बार हो रहा है कि लाड़ली लक्ष्मियों के लिए वाटिका बनाई गई है।
  • हमने बेटियों के सम्मान में सड़क का नाम “लाड़ली लक्ष्मी पथ” किया है। अमानत है हमारी यह बेटियां! इनको ऊंचे आसमान में लंबी उड़ान भरनी है। भोपाल में भारत माता चौराहे से पॉलीटेक्निक चौराहे तक “लाड़ली लक्ष्मी पथ” का नामकरण कर बेटियों को शुभकामनाएं दी।
  • बरसों पहले एक सपना देखा था, वह सपना आज पूरा हो रहा है। आज आप कॉलेज में पहुंच गईं हैं, उस समय इतनी इतनी सी थीं कि आपकी मां को बड़े प्यार से गोद में लेकर आती थी। आपको लाडली लक्ष्मी का सर्टिफिकेट देते समय मुझे लगता था कि मैंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा काम किया है।
  • भारत माता चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहे तक मार्ग का नाम लाड़ली लक्ष्मी पथ के नाम से जाना जाएगा। यह दुनिया में पहली बार हो रहा है कि बेटियों के नाम पर पथ का नाम किया जा रहा है। सभी 52 जिलों में लाड़ली लक्ष्मी पथ होंगे। संकल्प यही है कि आपका हर तरीके से सशक्तिकरण हो।
  • मेरी लाडली लक्ष्मी बेटियां, तुम हमेशा खुश रहो, मुस्कुराती रहो, हमेशा आगे बढ़ती रहो। तुमने अगर सफलता का आसमान चूम लिया तो मामा की जिंदगी धन्य हो गई। आज इसी समय मेरी लाड़ली लक्ष्मी बेटियां मध्यप्रदेश के हर जिले में लाडली लक्ष्मी वाटिका में पेड़ लगा रही हैं।
  • आज आप मेरी खुशी का अंदाजा लगा नहीं सकते। सचमुच आज मैं खुश हूं, गदगद हूं और मेरा रोम-रोम पुलकित है। आज #MPKiLadli सामने बैठी हुई हैं जो कॉलेज की पढ़ाई शुरू कर रही हैं। यह वह बेटियां हैं जिनमें से कई को मैंने गोद में खिलाया है।
  • आज सभी 52 जिलों में एक रोड का नाम “लाड़ली लक्ष्मी पथ” रखा जा रहा है। वहां लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रचार-प्रसार का भी काम किया जाएगा।लाड़ली लक्ष्मी वाटिका सुरक्षित रहेगी। जैसे जैसे लाड़ली लक्ष्मी वाटिका के पेड़ बढ़ेंगे, मेरी बिटिया भी लगातार आगे बढ़ती जाएंगी।
  • आज दुनिया में पहली बार हो रहा है कि मेरी लाडली लक्ष्मी बेटियों के नाम से वाटिका बनी है। एक पार्क लाडली लक्ष्मी बेटियों के नाम “लाडली लक्ष्मी वाटिका”।अमानत है हमारी यह बेटियां! इनको ऊंचे आसमान में लंबी उड़ान भरनी है। बहुत कोमल होती है बेटियां, इनकी भावनाओं का सम्मान करना, इनको आगे बढ़ने में पूरी मदद करना। अगर कोई तकलीफ हो अपने इस भाई को याद कर लेना।