भोपाल : नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, किया यह आग्रह

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है डॉ गोविंद सिंह ने इस पत्र में मुख्यमंत्री से मानसून सत्र पंचायत एवं निकाय चुनाव के बाद बुलाने का आग्रह किया है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से यह मांग भी की कि मानसून सत्र के दौरान कम से कम 20 बैठकें होना चाहिए ताकि ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हो सके।

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नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने इस बात पर चिंता जताई कि पिछले कुछ सालों से सरकारी काम काज निबटाने तक सत्र को चलाने की परंपरा बन गई है, लोकतंत्र में यह स्थिति ठीक नहीं है। डॉ सिंह ने पत्र में लिखा कि वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हिमाचल प्रदेश के पीठासीन सम्मेलन में राज्य विधानमण्डल की बैठके वर्ष में 60 से 70 करने की सिफारिश की है। पूर्व लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी की अध्यक्षता में हुए विधानसभा अध्यक्षों के सम्मेलन में भी प्रतिवर्ष कम से कम 60 बैठकें प्रतिवर्ष आयोजित करने की सिफारिशें की थी। इसी तरह से वर्ष 2014 में 13-14 अक्टूबर 2014 को गोवा में आयोजित सोलहवें अखिल भारतीय सचेतक सम्मेलन में सर्व सम्मति से यह सिफारिश की गई थी कि छोटे राज्यों की विधानसभा में कम से कम 30 बैठकें, मध्यम और बड़े राज्यों में कम से कम 70 बैठकें प्रतिवर्ष होना चाहिए। किंतु मध्यप्रदेश में इन सिफारिशों का पालन नहीं किया जा रहा है अपितु लगातार सत्रों की बैठकों में कमी की जा रही है। कांग्रेस की सरकार में दिग्विजय सिंह के शासनकाल में विधानसभा सत्र की अधिक से अधिक बैठकें होती थी एवं सत्र की अधिसूचना के पूर्व विपक्ष से चर्चा कर सत्र बुलाया जाता था, किंतु यह परंपरा समाप्त कर दी है एवं विपक्ष से सत्र बुलाने के लिए चर्चा तक नहीं की जा रही है, यह चिंतनीय है। इन्ही सब बातों का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने मानसून सत्र की तिथि पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद निर्धारित की जाने की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से आग्रह किया है।