मोटे तौर पर 7 लाख हेक्टर की फसलों को नुकसान, राहत कार्य कुछ दिन और चलेगा: सीएम शिवराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।
बाढ़ (Flood) में हुई फसलों के नुकसान (Crop losses) को लेकर शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhaan) ने कहा कि अभी तक मोटे तौर पर 7 लाख हेक्टर की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा फसलों को हुए नुकसान की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री और कृषि मंत्री को भी आज दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा राहत के कार्य अभी कुछ दिन चलेंगे। उन्होंने बताया की राहत कार्य में अफसरों के साथ साथ मंत्रियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। सरकार की कोशिश होगी कि बेहतर व्यवस्था की जाए ताकि लोगों की जिंदगी थोड़ी नॉर्मल हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा इस बाढ़ में लोगों का सब कुछ चले गया, इसलिए उनकी जिंदगी को वापस पटरी पर लाने के लिए प्रयास करने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा की फसल बीमा योजना की आज आखिरी तारीख है लेकिन जिन जिलों में यह आपदा आई है उन जिलों में थोड़ा समय और दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 3 तारीख को 33 लाख लोगों को जो राशन देना शुरू कर रहे थे बाढ़ प्रभावित इलाकों में आकलन कर वहां पर फिलहाल यह व्यवस्था नहीं कि जाएगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना के चलते प्रदेश की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। कोरोना के कारण टैक्सेस बहुत कम आए हैं। लेकिन जहां चाह होती है वहां राह निकलती है। उन्होंने कहा इसको लेकर मैं रोऊंगा गाऊंगा नहीं कि हम क्या करेंगे उन्होंने कहा जो सर्वाधिक जरूरी है उसको किया जाएगा।

होशंगाबाद में बिगड़े हालात, कई गांवों तबाह
शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश का दौर रविवार को थम गया। इसके बाद भी नर्मदा नदी सहित अन्य सभी नदियां उफान पर है। सभी दलों में क्षमता से ज्यादा पानी भर गया है। इससे इनके गेट अभी खुले हुए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति होशंगाबाद जिले की है, यहां बीते 24 घंटे में 340.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। ऐसे में नर्मदा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। होशंगाबाद के कई गांव पानी में डूब गए हैं। यहां दिनभर सेना के हेलीकॉप्टर बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे।वहीं प्रदेश मे आई बाढ़ को लेकर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने कहा की बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरना शुरू हो गया है, लेकिन होशंगाबाद में अभी भी नर्मदा नदी खतरे के निशान से 8 फीट ऊपर बह रही है। उन्होंने बताया कि कई गांव अभी भी जलमग्न है, लेकिन प्रशासन सभी जगह पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश हुई जिसके कारण गांधी सागर बांध के गेट खोल दिए गए, वही चंबल संभाग में लोगों को सतर्क किया गया है।

सेना को धन्यवाद, अफसरों की तारीफ
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा की बाढ़ तो थम गई है, मैं उन लोगों को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर डूबते हुए गांव से कई लोगों को बचाया है। मुख्यमंत्री ने कहा एयर फोर्स के 5 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के काम में लगे थे और 264 के आसपास अलग-अलग गांव से लोगों को एअरलिफ्ट किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शेखावत को एयर से ही धन्यवाद दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा बाकी पायलट जिन्होंने रिस्क लेकर लोगों को बचाया उन सभी को मैंने धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया की सेना की एक टुकड़ी अभी भी प्रदेश में रुकी हुई है बाकियों को वापस भिजवा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा बाढ़ में रेस्क्यू के समय एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने बहुत अच्छा काम किया है।अफसरों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा की, संकट की घड़ी में सभी अफसर वल्लभ भवन से लेकर कलेक्टर, एसपी, आईडी ने बेहतर काम किया इस वजह से हम लोगों की जान बचा सके। उन्होंने ने कहा जान तो बच गई लेकिन अब उससे बड़ी चुनौती सामने है। क्योंकि जहां-जहां पानी उतर रहा है वहां पर कीचड़ हो गया है, सामान सड़ गया है, फसलें बर्बाद हो गई है और इसके कारण बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।

आकलन जारी, भोजन-पानी की हो रही व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा वर्तमान में सबसे बड़ी चिंता है शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की और भोजन की व्यवस्था करवाने की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सफाई की व्यवस्था के लिए नगरीय विकास विभाग और ग्रामीण विकास विभाग को लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा पानी को शुद्ध करने के लिए जो दवाइयां डाली जाती है उसकी इंतजाम किया जा रहा है बीमारियों से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल संपत्ति के नुकसान के आकलन में थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने बताया कि आज उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से चर्चा हुई है और उन्हें नुकसान की जानकारी दी है। जिसके बाद आकलन करके उन्हें भेजी जाएगी मुख्यमंत्री का कहना है कि फिलहाल अभी कुछ गांव डूबे हुए हैं तो आकलन करने में दो-चार दिन का समय लगेगा।

जेईई और नीट की परीक्षा को लेकर कहा
जेईई और नीट की परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा की कोरोना काल को देखते हुए परीक्षा केंद्र तक जाने की निशुल्क परिवहन व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि हर गांव से परिवहन संभव नहीं है इसलिए बच्चे आज अपना रजिस्ट्रेशन करवा कर सूचित करेंगे और विकासखंड मुख्यालय और जिला मुख्यालय पर मिलेंगे। वहां से उन्हें परीक्षा केंद्र तक ले जाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि परीक्षार्थियों के साथ उनका एक अभिभावक भी उनके साथ परीक्षा केंद्र तक आ सकता है।