इस मॉडल पर आगे बढ़ेगी मप्र सरकार, इतने मजदूरों को मिला रोजगार

इसके साथ-साथ सरकार ने 16 लाख से अधिक प्रवासी और गरीब मजदूरों (Migrant and poor laborers) को काम दिया है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में जनहितैषी फैसले लेते हुए शिवराज सरकार आए दिन गरीब, मजदूर और पीड़ितों के लिए बड़ी घोषणा कर रही है। इतना ही नहीं शिवराज सरकार (shivraj government) द्वारा रोजगार (job) के नए अवसर खोजे एवं प्रदान किए जा रहे हैं। इसी बीच गांव में कुपोषण (Malnutrition) को रोकने के लिए सरकार ने बड़ी योजना को अमल में लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ-साथ सरकार ने 16 लाख से अधिक प्रवासी और गरीब मजदूरों (Migrant and poor laborers) को काम दिया है।

बता दे कि यह पहला मौका है जब मध्यप्रदेश में इतने मजदूरों को काम मिला है। इसके साथ ही इस मामले में तैयारी शुरू कर दी गई है। दरअसल मध्य प्रदेश में एक लाख हेक्टेयर (One lakh hectare) बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए मध्य प्रदेश के 16 लाख से अधिक प्रवासी और गरीब मजदूरों की मदद ली जा रही है। इस बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर पोषण वाटिका बनाई जाएगी। जिससे प्रदेश में फैल रहे कुपोषण को रोका जा सके।

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इस मामले में मनरेगा कमिश्नर सूफी फारूकी वली (MNREGA commissioner Sufi Farooqui Wali) का कहना है कि लक्ष्य को इसी वर्ष हासिल करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। इतना ही नहीं मनरेगा कमिश्नर सूफिया फारूकी वली ने बताया कि इस कार्य के लिए सहायता समूह को भी जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही साथ पोषण वाटिका में ऐसी सब्जियां लगाई जाएगी। जो महिला और बच्चों के लिए हितकारी होगी।

इसके साथ ही साथ मनरेगा (MNREGA) कमिश्नर सूफिया फारूकी वली ने बताया की इसकी जानकारी शासन स्तर पर दे दी गई है और इसी मॉडल (model) पर आगे कार्य करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जय किसान योजना प्रदेश में लागू है। जिसके तहत बंजर भूमि को ठीक किया जाएगा। प्रदेश में कुपोषण पर बोलते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने भी कहा था कि प्रदेश की सरकार इस मामले में बहुत सजग है कि कुपोषण से प्रदेश में किसी की भी मृत्यु ना हो। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।