भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना काल में मंदी की मार झेल रहे प्रदेशवासियों को लेकर एमपी की शिवराज सरकार (Shivraj Sarkar) ने बड़ा फैसला लिया है। शिवराज सरकार ने रियल एस्टेट को बड़ी राहत दी है। शिवराज सरकार ने प्रॉपर्टी की खरीद-ब्रिकी पर सेस 3 प्रतिशत के स्थान पर 1 प्रतिशत कर दिया है।बीते 10 सालों से मप्र सरकार से स्टाम्प ड्यूटी कम करने की मांग की जा रही थी,जिस हर बार सरकार घटाने की बजाय बढ़ा देती थी, लेकिन अब उपचुनाव से पहले सरकार ने बड़ी राहत दी है।

आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने  कहा कि अब  से नगरीय क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की बिक्री और खरीद पर सेस में 3 प्रतिशत के स्थान पर 1 प्रतिशत लगेगा। मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाना आवश्यक था। हर व्यक्ति का अपने घर का सपना होता है ।प्रदेश में रियल स्टेट क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियां पड़ेगी। उपचुनाव से पहले राज्य सरकार के इस फैसलें को बड़ा निर्णय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण रियल स्टेट भी प्रभावित हुआ है, हमारा प्रयास है कि इस सेक्टर में भी बूम आए। इसे देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री पर सेस 2% कम करने का निर्णय लिया गया है। यह छूट 31 दिसंबर 2020 तक जारी रहेगी।

बता दे कि अबतक देश मे सबसे ज्यादा मप्र सरकार ही 12.5 फीसद ड्यूटी वसूल रही है। वर्ष 2010 में मप्र में स्टाम्प ड्यूटी पांच फीसदी के करीब थी। इस पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता था।लेकिन बीते 10 वर्षों में स्टाम्प ड्यूटी में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हुई। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन में 20 फीसद की छूट तो दी, लेकिन स्टाम्प ड्यूटी बढ़ा दी थी।