MadhyPradesh: मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में मंत्री देंगे वेतन का 30 प्रतिशत

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने अपने मंत्रियों के साथ अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) के माध्यम से कोरोना की रोकथाम और अन्य विषयों को लेकर चर्चा की। बैठक शुरू करते हुए अपने स्वाथ्य की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उनका स्वास्थ्य अब ठीक है। आप लोगो से जुड़ने के बाद काम में तेज़ी आई है।

मुख्यमंत्री ने प्रभार के जिलों के बटवारे की जानकारी देते हुए कहा कि जल्दी ही सभी में प्रभार के जिलों का बटवारा कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि, प्रदेश में कोविड के अलावा भी अन्य कार्यों को गति मिली है। वहीं उन्होंने कहा कि, कोविड से हम तभी सफल हो सकते हैं जब गाइडलाइंस का पालन करें। हमे जनता से अनुशासन का पालन कराना है इसके लिए पहले मुख्यमंत्री, मंत्री सबको अनुशासित रहना होगा। उन्होंने कहा, हमे अर्थव्यवस्था को भी संभालना है यह महत्वपूर्ण है।

1 अगस्त से किल कोरोना अभियान पार्ट-2
कोरोना की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा कील कोरोना अभियान का दूसरा पार्ट सरकार 1 अगस्त से शुरू करने जा रही है जो 14 अगस्त तक जारी रहेगा। वहीं मुख्यमंत्री ने सभी मंत्री, विधायक और सांसदों को 1 अगस्त से 14 अगस्त तक अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा यदि कोई सभा पहले से तय है तो उसे सभा को वर्चुअली तरीके से करें।

मंत्री देंगे वेतन का 30 प्रतिशत रिलीफ फंड में
कोरोना संकट और प्रदेश पर बढ़ रहे वित्तीय भार को देखते हुए बैठक के दौरान बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री की अपील पर सभी मंत्रियों ने कोरोना काल के दौरान अपने 30 प्रतिशत वेतन को मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में देने का निर्णय लिया है। वहीं मुख्यमंत्री ने सांसदों और विधायकों से भी 30 परसेंट सैलरी रिलीफ फंड में देने की अपील की है।

मध्यप्रदेश का रिकवरी रेत 70 फीसदी
प्रदेश की कोरोना की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, आज कोरोना के मामलों में मध्यप्रदेश की रिकवरी दर 70% और मृत्यु दर 2.7% है। शीर्ष 16 राज्यों में हमारा मध्यप्रदेश 15वें नंबर पर है। उन्होंने कहा, कोरोना संक्रमण बढ़ने की चिंता हम सभी को है इसलिए मैं निरन्तर स्थिति की समीक्षा कर रहा हूँ। अनुशासन के साथ गाइड लाइन का पालन करके ही हम कोरोना के विरुद्ध सफल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, लॉकडाउन स्थाई समाधान नहीं है इससे हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है। लॉकडाउन खुलने के बाद नियमों का पालन करना अत्यावश्यक है, अन्यथा स्थिति वापिस वैसी ही हो जायेगी। उन्होंने कहा एक तरफ हमें कोरोना को नियंत्रित करना है तो दूसरी ओर अर्थव्यवस्था को संभालना भी हमारी प्राथमिकता है। बिना लॉकडाउन के कोरोना को नियंत्रित करने के लिए अनुशासन का पालन और जन-जागरूकता आवश्यक है।

बता दें कोरोना के चलते मुख्यमंत्री अस्पलात में भर्ती है और वें अस्पलात से पूरे प्रदेश पर अपनी नज़र बनाए हुए है। अस्पताल में भर्ती होने के दूसरे ही दिन से लगातार मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहें है।