Bribe Trap: लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते डिप्टी कमिश्नर का मीडिएटर गिरफ्तार

भोपाल।

मध्यप्रदेश में लगातार भ्रष्ट्राचारियों पर कार्रवाई जारी है। आये दिन भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किये जा रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार को डिप्टी लेबर कमिशनर के मीडिएटर को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। जहाँ डिप्टी कमिश्नर ने उसे रिश्वत लेने भेजा था लोकायुक्त ने पैसे लेने एमपी नगर में बुलवाया था। जिसके बाद भोपाल क्राइम ब्रांच थाने के पास सड़क पर ही लोकायुक्त ने कार्रवाई की है।

दरअसल मुंबई में रहने वाले गौरव शर्मा ने भोपाल लोकायुक्त को डिप्टी कमिश्नर की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था क़ि उनकी फर्म के पास श्रमोदय विद्यालय, बेटमा इंदौर की मेस का ठेका है। जिसमें करीबन 800 बच्चों का हॉस्टल है। वहीँ मेस के लिए15 लाख के बिल का भुगतान किया जाना था। जिसको लेकर शर्मा ने डिप्टी कमिश्नर से बात की थी। गौरव का आरोप है कि डिप्टी कमिश्नर ने 15 लाख के बिल के भुगतान के लिए उनसे मीडिएटर के जरिए डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। वहीँ रिश्वत न देने पर पैसे रोक देते की धमकी भी दी थी। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने इस शिकायत पर मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई की तैयारी की।

जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस के कहने पर फरियादी गौरव शर्मा ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर एक लाख रुपए देने के लिए विपुल शर्मा को क्राइम ब्रांच थाने के पास बुलाया। जब विपुल पैसे लेने पहुंचा तो पहले से घेराबंदी कर बैठी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीँ लोकायुक्त ने मीडिएटर के साथ ही डिप्टी कमिश्नर दीक्षित को भी आरोपी बनाया है।अब पुलिस इस रिश्वत कांड के बारे में उनसे पूछताछ करेगी।बता दें कि डिप्टी लेबर कमिशनर एस.एस. दीक्षित एम.पी. भवन संघ निर्माण मंडल में सचिव भी है।