झारखंड : ब्लास्ट के साथ टाटा स्टील के प्लांट में लगी भीषण आग

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील प्लांट में विस्फोट के बाद अचानक आग लग गई। जानकारी के मुताबिक आग सुबह 10:20 बजे के करीब लगी थी। घंटों की मशक्कत के बाद फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस दुर्घटना में एक कर्मचारी घायल हुआ है, जिसके पैर में गंभीर चोटें आई है। फिलहाल उसे टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्लांट के जिस हिस्से में आग लगी है, वह फिलहाल बंद था।

टाटा स्टील प्लांट में आग की सूचना के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत एक्शन लेते हुए कुछ जरूरी निर्देश दिए हैं और उन्होंने ट्वीट कर कहा, “जमशेदपुर में टाटा स्टील प्लांट में ब्लास्ट होने की खबर मिली है। जिला प्रशासन, टाटा स्टील प्रबंधन के साथ सामंजस्य बनाकर घायलों के त्वरित इलाज के लिए कार्रवाई कर रही है।”

सूत्रों की माने तो जमशेदपुर प्लांट के कोक डिवीजन में जोरदार धमाके के बाद प्लांट में आग लगी, जिसके बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और सारे कर्मचारियों को आपात स्थिति में बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि कोक प्लांट के बैटरी नंबर 5, 6 और 7 के क्रॉस ओवर में अचानक से ब्लास्ट हो गया, जिसके बाद गैस रिसाव भी हुआ।

आग पर काबू पाने के लिए दमकल गाड़ियों को बुलाया गया, जिन्होंने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू

टाटा स्टील ने इस संदर्भ में बयान जारी करते हुए बताया कि घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। फिलहाल कर्मचारियों को प्लांट से बाहर निकाल दिया गया है और आसपास के एरिया को खाली कराकर वहां पर गैस रिसाव को रोकने की कोशिश की जा रही है।

टाटा स्टील की तरफ से कहा गया, “आज जमशेदपुर वर्क्स में कोक प्लांट के बैटरी 6 में फाउल गैस लाइन में विस्फोट हुआ। वर्तमान में बैटरी 6 काम नहीं कर रही है और इसे हटाने की प्रक्रिया चल रही है। विस्फोट और आग लगने के बाद एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गईं और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। स्थिति पर काबू पा लिया गया है। दुर्घटना में दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए टीएमएच भेजा गया है। सीने में दर्द की शिकायत करने वाले एक अन्य कर्मचारी को भी जांच के लिए टीएमएच भेजा गया है। उनकी हालत स्थिर है।”

आगे कहा, “घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट के रूप में टाटा स्टील सुरक्षित संचालन और अपने सभी हितधारकों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।”