MP उपचुनाव से पहले कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक, इस दिग्गज को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी

1852

भोपाल। सियासी गलियारों में शिवराज मंत्रिमंडल (Shivraj cabinet) की चर्चाओं के बीच एमपी कांग्रेस ने बड़ा दांव चला है। कांग्रेस ने हाल ही में बीजेपी (BJP) से कांग्रेस (congress) में आए ग्वालियर के दिग्गज नेता बालेन्दु शुक्ला(Gwalior veteran leader Balendu Shukla) को बड़ी जिम्मेदारी दी है। कांग्रेस ने बालेंदु शुक्ला को  प्रदेश का उपाध्यक्ष (State vice president) बनाया है, उपचुनाव ( by election) से पहले यह कांग्रेस का बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। अगर उपचुनाव में कांग्रेस बालेन्दु को मैदान में उतारती है तो सिंधिया और उनके समर्थकों के लिए बड़ी चुनौती होगी।हैरानी की बात तो ये है कि कांग्रेस ने नियुक्ति ऐसे समय पर की है जब शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है और ‘महाराज’ गुरुवार को भोपाल पहुंच रहे है।

दरअसल, आने वाले समय में 24 सीटों पर उपचुनाव होने है, कांग्रेस का फोकस सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल की 16 सीटो पर है,ताकी कमबैक में आसानी हो, ऐसे में चुनाव से पहले वहां की जमीन मजबूत की जा रही है।  नेताओं को तोड़कर कांग्रेस में शामिल करवाया जा रहा है। हाल ही में कांग्रेस ने माधवराव सिंधिया के खास रहे बालेन्दु को तोड़कर कांग्रेस में शामिल कर लिया था और अब उपाध्यक्ष बनाकर उपचुनाव से पहले मास्टरस्ट्रोक खेल लिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर बालेन्दु शुक्ला को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी चंदप्रभाष शेखर ने आज जारी आदेश में कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर श्री शुक्ला को कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया गया है।

 ग्वालियर से चर्चित राजनैतिक चेहरा  है बालेन्दु शुक्ला

बालेंदु शुक्ल 73 साल के हैं और बीते दिनों ही उनकी कांग्रेस में 12 साल बाद वापसी हुई है। ग्वालियर और चंबल संभागों में कांग्रेस ब्राह्मण वोट के लिए नेताओं को एकत्रित कर रही है और इसी कड़ी में बालेंदु शुक्ल को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई थी। प्रदेश की BJP सरकार में पीएचई मंत्री रहे बालेंदु शुक्ला (former minister balendu shukla) बड़े महाराज यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) के पिता माधवराव सिंधिया (madhavrao scindia) के बाल सखा हैं। उनका सिंधिया परिवार के साथ पारिवारिक रिश्ता रहा है। लेकिन माधवराव सिंधिया (madhavrao scindia) के निधन के बाद उनका महल से रिश्ता धीरे-धीरे कम होता चला गया। और फिर एक दिन उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़ दी थी।

उपचुनाव में बालेन्दु पर दांव लगा सकती है कांग्रेस

सूत्रों की मानें तो आने वाले उपचुनाव में कांग्रेस ग्वालियर पूर्व विधानसभा से शुक्ला पर दांव लगा सकती हैं।ग्वालियर पूर्व से शुक्ला का नाम कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चल रहा है। बालेंदु शुक्ला ने सन 1980 से 2003 के बीच कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लगातार छह विधानसभा चुनाव लड़ चुके है। इस दौरान उन्होंने तीन चुनाव में जीत हासिल की और तीन में हार का सामना करना पड़ा। 1980 से 1998 के बीच ग्वालियर की गिर्द विधानसभा सीट (वर्तमान भितरवार सीट) से पांच बार चुनाव लड़ा, जिनमें तीन बार वो जीते और दो बार पराजित हुए। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर साल 2003 में आखिरी बार ग्वालियर विधानसभा सीट से भाजपा के नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ चुनाव लड़ा। जिसमें उन्हें करारी हार मिली थी।

 

(भोपाल से पूजा खोदाणी की रिपोर्ट)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here