मंत्री बिसाहूलाल सिंह का बयान- अगस्त महीने से बनेगी हितग्राहियों की खाद्यान्न पर्ची

भोपाल।

मध्यप्रदेश में कोरोना संकटकाल से जूझ रहे गरीब मजदूरों के लिए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत प्रदेश के करीब 36 लाख 86 हजार गरीब मजदूरों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उचित मूल्य पर राशन उपलब्ध करवाया जाएगा। जिसको लेकर अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि अगस्त माह से खाद्यान्न पात्रता पर्ची बनाई जाएगी। जिसके बाद इसका फायदा उन हितग्राहियों को होगा जो निशुल्क राशन प्राप्त करने की पात्रता तो रखते हैं किंतु खाद्यान्न पर्ची ना होने की वजह से वह इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण के लिये प्रदेश के 36 लाख 86 हजार मजदूरों के लिये अगस्त माह से खाद्यान्न पर्ची बनाई जाएगी। ये हितग्राही नि:शुल्क राशन प्राप्त करने की पात्रता रखते है, परन्तु खाद्यान्न पर्ची न होने के कारण वे इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। खाद्यमंत्री सिंह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में तैयारियों पर चर्चा कर रहे थे। खाद्यमंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में राशन प्राप्त करने वाले सभी हितग्राहियों का सत्यापन अभियान चलाया गया है। सत्यापन में अपात्र पाये गये लोगों के नाम काटने और पात्रता रखने वाले हितग्राहियों को खाद्यान्न पर्ची जारी कर खाद्यान्न वितरित किया जायेगा।

मंत्री सिंह ने कहा है कि वर्तमान समय में सम्मिलित हितग्राहियों में से 1 करोड़ 37 लाख हितग्राहियों के डेटा में आधार नंबर सीडिंग कर दिये गये। विगत दिनों में लगभग 25 लाख हितग्राहियों के डाटा बेस में आधार सीडिंग का कार्य किया गया है। शेष हितग्राहियों का डाटा बेस माह जुलाई एवं अगस्त में आधार सीडिंग का कार्य पूरा किया जायेगा। हितग्राहियों को 31 अगस्त के पश्चात आधार नंबर उपलब्ध कराने पर राशन दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के आत्मनिर्भर अभियान अंतर्गत माईग्रेट लेबर यदि किसी दूसरे राज्य में जाता है तो लेबर द्वारा कलेक्टर को जानकारी देना होगी तथा जिलों में उनका पंजीयन होगा। पंजीयन के उपरांत अगर कोई श्रमिक राज्य से बाहर किसी भी प्रदेश में कार्य करने जाता हैं तो उन्हें उसी राज्य में राशन उपलब्ध कराया जायेगा।

प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में कुल 25 हजार 119 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं, जिसमें से शहरी क्षेत्र में 4 हजार 188 और ग्रामीण क्षेत्र में 20 हजार 937 संचालित हैं। शहरी क्षेत्र में संचालित दुकानें प्राथमिक उपभोक्ता भंडारों एवं ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य रूप से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की संस्थाओं द्वारा 15 हजार 500 दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा वन उपज संस्था 731 महिला स्व-सहायता समूह एवं कुछ जिलों में प्राथमिकता उपभोक्ता भण्डारों द्वारा भी दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव खाद्य शिवशेखर शुक्ला, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल और श्रीमन शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।