Fraud: मंत्री के फर्जी OSD ने महिला अधिकारी से ठगे हजारों रुपए, ये है पूरा मामला

इस मामले में महिला अधिकारी आरती चोपड़ा ने हबीबगंज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाया है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में धोखाधड़ी (Fraud) का बड़ा मामला सामने आया है। जहां पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया (Mahendra Singh Sisodia) के फर्जी OSD के नाम पर एक महिला ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि आरोपी ने सिंधिया समर्थक मंत्री के OSD के नाम पर ट्रांसफर (transfer) करवाने के लिए उनसे बड़ी रकम लूट ली है। इस मामले में जब संबंधित विभाग में जानकारी दी गई तो फर्जीवाड़ा का बड़ा मामला सामने आया।

इस मामले में मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के OSD बीके श्रीवास्तव (B.K.Srivastava) का कहना है कि उनके पास महिला अधिकारी आरती चोपड़ा (aarti chopra) का फोन आता है, जहां पूछा जाता है कि उनका ट्रांसफर हो गया है। जिसके बाद मामले की पोल खुलती है। दरअसल सिवनी जिले में पदस्थ जिला परियोजना प्रबंधक (District Project Manager) आरती चोपड़ा से फर्जी तरीके से ट्रांसफर करवाने के लिए हजारों रुपए लूट लिए गए हैं।

Read More: Transfer: विभागों ने रोके प्रस्ताव, अधिकारी-कर्मचारियों को करना होगा इंतजार

मामले की जानकारी देते हुए आरती चोपड़ा का कहना है कि उनके नाम पर एक दिन फोन आता है। कॉलर बताता है कि वह मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के OSD हैं, क्या वह कहीं और ट्रांसफर चाहती हैं? महिला अधिकारी द्वारा हामी भरने पर कॉलर द्वारा पैसे मांगे जाते हैं। महिला अधिकारी आरती द्वारा ट्रांसफर के लिए पैसे मंत्री के कॉलर OSD के खाते में जमा करवा दिए जाते हैं।

महिला अधिकारी का कहना है कि कॉलर द्वारा उनसे उस वक्त 25000 रुपए की मांग की जाती है और शेष रकम बाद में लेने की बात कही जाती है। महिला अधिकारी आरती ने बताया कि ट्रांसफर नहीं होने की स्थिति में कॉलर को दोबारा फोन लगाने पर उसका नंबर स्विच ऑफ आता है। जिसके बाद महिला अधिकारी द्वारा OSD श्रीवास्तव को फोन लगाया जाता है।

इस मामले में मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के OSD बीके श्रीवास्तव का कहना है कि महिला अधिकारी आरती द्वारा ट्रांसफर की बात पूछे जाने पर उनसे सारी परिस्थिति पूछी जाती है जिस पर महिला अधिकारी को सारी सच्चाई पता चलती है। इस मामले में महिला अधिकारी आरती चोपड़ा ने हबीबगंज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाया है। वही अज्ञात मोबाइल फोन और फर्जी OSD के बारे में फिलहाल कुछ जानकारी सामने नहीं आई है।