मुरैना : जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के नाम पर वसूली, आशा कार्यकर्ताओं पर आरोप

मुरैना, संजय दीक्षित। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के नाम पर आशा कार्यकर्ता और महिला दलालों के द्वारा धन उगायी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं से रुपए ऐंठने के मामले में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन उनके खिलाफ अब तक तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक बार फिर अस्पताल में प्रसूताओं से 200 रुपए लेने वाली आशा कार्यकर्ता को पकड़ा गया है।

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लगातार ये आरोप लगते रहे हैं कि कुछ आशा कार्यकर्ता और उनकी सहयोगी महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने आई महिलाओं से धन उगाही करने में लगी हुई है। आशा कार्यकर्ताओं और दलालों के द्वारा लेनदेन का वीडियो भी काफी बार बार वायरल हो चुका है। लेकिन इसमें कार्रवाई न होने से कहीं ना कहीं अस्पताल के कर्मचारियों की मिलीभगत की संभावना भी पैदा होती है। बुधवार को मीडिया ऑफिसर रामलली माहौर ने दो आशा कार्यकर्ताओं को अल्ट्रासाउंड कराने की एवज में 200 रूपये लेते पकड़ा है। महादेवी और शिल्पी नाम की दो आशा कार्यकर्ता अस्पताल में आने वाली महिलाओं से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पैसे लेती हैं। बताया जाता है कि रिश्वत के खेल में अस्पताल के अन्य कर्मचारी भी शामिल है जिनकी मिलीभगत से कई वर्षों से यह कारोबार फल-फूल रहा है। जिला अस्पताल में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन से प्रसूता का मुफ्त में अल्ट्रासाउंड किया जाता है, लेकिन यहां आने वालों से उसके लिए पैसे वसूले जाते हैं। जो भी प्रसूता महिलाएं अस्पताल में आती हैं तो डॉक्टर के पास चेकअप कराने के बाद अल्ट्रासाउंड के कक्ष के पास पहुंचने के बाद ही आशा कार्यकर्ता उन्हें पकड़ लेती है और उनसे पूछती है कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा है कि नहीं। फिर उनसे अल्ट्रासाउंड के नाम पर 200 रुपए ले लेती हैं। इसके बाद प्रसूता महिलाओं को सरकारी अस्पताल में अवस्थाओं के बारे में बता कर निजी नर्सिंग होम में डिलीवरी करवाने के लिए ले जाती है। इस तरह निजी अस्पतालों से भी वो मोटा कमीशन लेती है।

मीडिया ऑफिसर रामकली माहौर ने बताया कि प्रसूता राधा ग्राम बड़हरा जिला अस्पताल में अपना चेकअप कराने के लिए आई थी। तभी उसी समय आशा कार्यकर्ता महादेवी तथा शिल्पी आई और उनसे 200 रुपए अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर ले लिए। इसके बाद रामकली माहौर ने अल्ट्रासाउंड कराने आई राधा का वीडियो बनाते हुए उससे पूछा कि महादेवी ने उनसे 200 रुपए किस बात के लिए है। तो उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर पैसे लिए हैं। इसी बात पर पूछताछ के दौरान रामकली और शिल्पी के बीच झूमाझटकी हुई थी। इस संबंध में अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ विनोद गुप्ता को रामलली माहौर ने शिकायती पत्र में लिखा है कि अस्पताल में प्रीति यादव, मंजू, सुनीता जाटव ,प्रेमा शर्मा, महादेवी, सरोज, राधा जौहरी, शिल्पी तथा गुड्डी नाम की महिलाएं अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं से पैसे मांग करती है तथा उन्हें निजी अस्पताल में ले कर जाती है।

इस मामले में सिविल सर्जन विनोद गुप्ता ने कहा कि मीडिया ऑफिसर ने दो महिलाओं को रिश्वत लेते पकड़ा है। वह दोनों महिलाएं भाग चुकी हैं। आज से हमने एक सिक्योरिटी गार्ड को नियुक्त कर दिया है जिसको हमने सूची पकड़ा दी है। सूची के बाद जो भी नाम दिए गए हैं, केवल उनको ही अस्पताल में प्रवेश करने दिया जाएगा। जो महिलाएं पैसे लेते पकड़ी गई हैं वह आशा कार्यकर्ता नहीं है उसके खिलाफ पहले भी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।