MP : प्रदेश में 90 हजार पद रिक्त, फिर भी अटकी नियुक्तियां, इंतजार में बेरोजगार युवा

आंकड़ों की बात करें तो मध्य प्रदेश सरकार के रोजगार पोर्टल पर अब तक 35 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। जिनमें से 90 फ़ीसदी युवा मध्यप्रदेश के नागरिक हैं।

बेरोजगार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में युवाओं की नौकरी (youth employment) के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन एलानों और दावों के बीच प्रदेश के युवा आज भी बेरोजगार (unemployment) है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले 3 साल में 1 लाख 22 हजार से अधिक बेरोजगार युवाओं ने नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन (registration) कराया है। हालांकि अभी तक इन लोगों को नौकरी नहीं मिली है।

प्रदेश में विभागों की रिक्त पदों पर बात करें तो मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में 90 हजार पद खाली हैं। लेकिन प्रदेश के युवाओं की नियुक्ति नहीं की जा रही है। प्रदेश में 3 सालों में आए सियासी भूचाल का खासा असर बेरोजगार युवाओं में देखने को मिल रहा है। निजी एजेंसियों की मानें तो प्रदेश में अब तक कुल डेढ़ करोड़ बेरोजगार युवा है।

वहीं 3 सालों से नियुक्तियां नहीं होने की वजह से लाखों बेरोजगार युवाओं की आयु सीमा समाप्त हो गई है। जबकि प्रदेश में कई ऐसे विभाग है यहां भर्ती प्रक्रिया तो पूरी की गई लेकिन अब तक युवाओं को नियुक्तियां नहीं दी गई है। आंकड़ों की बात करें तो मध्य प्रदेश सरकार के रोजगार पोर्टल पर अब तक 35 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। जिनमें से 90 फ़ीसदी युवा मध्यप्रदेश के नागरिक हैं।

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अब ऐसी स्थिति में कांग्रेस (congress) द्वारा लगातार केंद्र, राज्य सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस ने तो कुणाल चौधरी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ बीजेपी (bjp) ने छल किया है। उन्हें रोजगार के सपने दिखाए गए लेकिन आज तक मध्य प्रदेश का युवा बेरोजगार है।

इतना ही नहीं कुणाल चौधरी (kunal chaudhary) ने शिवराज सरकार से सवाल करते हुए कहा कि 15 साल सरकार चलाने के बाद ही मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार क्यों नहीं दिया जा रहा। गौरतलब ओके सत्ता में वापसी के बाद शिवराज सरकार द्वारा लगातार रोजगार पोर्टल रजिस्ट्रेशन (Employment portal registration) के बाद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सरकार द्वारा कंपनियों को आमंत्रित किया जाता है किंतु कंपनियां युवाओं को रोजगार देने से बचती है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में बढ़ रहे बेरोजगार युवाओं के आंकड़े निश्चित ही सरकार के लिए चिंता का विषय है।