MP Board : 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर

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भोपाल।
मध्यप्रदेश के 10 वीं और 12 वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षक मंडल बोर्ड भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन का काम पूरा हो गया है।अब मूल्यांकन केंद्र में नोडल अधिकारियों के सामने कॉपियों पर नम्बर दिए जाएंगे। करीब 28 साल बाद ऐसा माैका आया जब बाेर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शिक्षक अपने घर पर कर रहे हैं।

दरअसल, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए माध्यमिक शिक्षक मंडल बोर्ड भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शिक्षकों से घर पर ही करवाया गया था।बोर्ड परीक्षा परिणाम में देरी न हो, इसको लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रथम चरण के मूल्यांकन को लेकर नए निर्देश दिए थे । मूल्यांकन का काम 23 अप्रैल से शुरू हुआ था और इसके लिए दस दिन का समय भी दिया गया था स जो अब पूरा हो गया है। समय सीमा के भीतर कार्य पूरा कर कॉपियां मॉडल स्कूल स्थित मूल्यांकन केंद्र में आज से पहुचेंगी। मूल्यांकन केंद्र में नोडल अधिकारियों के सामने कॉपियों पर नम्बर दिए जाएंगे।

बता दे कि शिक्षकों द्वारा भले ही घर पर कॉपियां चेक की गई है लेकिन परीक्षा की गोपनीयत बनाए रखने के लिए उन्हें स्टीकर लगी हुई कॉपियां दी गई थी। इस वजह से वे कॉपी में विद्यार्थी का रोल नंबर नहीं देख पाए। इतना ही नहीं अब शिक्षकों को उस विषय के नंबर मूल्यांकन केंद्र पर डिप्टी हेड के सामने भरना होंगे। किसी काॅपी के स्टीकर से छेड़छाड़ दिखाई देगी तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई हाेगी। केंद्र से शिक्षक बड़े बोरियों में कॉपियों के बंडल रखकर ले गए थे।

इस दिन हो सकती है परीक्षाएं

दो हफ्ते के बाद लॉक डाउन की तीसरा फेज खत्म हो जाएगा, ऐसे में माना जा रहा था कि इन परीक्षाओं की तिथि मई के चौथे सप्ताह में जारी की जा सकती यानि जून के पहले सप्ताह में बाकी बचे पेपर हो सकते है। चुंकी जुलाई से नया सेशन शुरु होने वाला है ऐसे में मंडल जल्द परीक्षाएं करवा सकता है।

गौरतलब है कि एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 02 और 03 मार्च से शुरू हुई थी।19 मार्च तक पेपर हो सके थे। कोरोना वायरस के चलते 21 मार्च से होने वाले सारे पेपर अब तक स्थगित है। मूल्यांकन कार्य में देरी होने के चलते घरों से ही मूल्यांकन कार्य शुरू कराने का फैसला एमपी बोर्ड ने लिया था । 10वीं के जहां 2 पेपर रह गए थे, वहीं 12वीं के 4 से 5 विषयों की परीक्षाएं नहीं हो पाई थी। इसके बाद बोर्ड ने केवल महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा लेने की घोषणा की।

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