MP By-Election: कांग्रेसी नेता का BJP और सिंधिया समर्थक नेताओं पर बड़ा बयान, मचा हड़कंप

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में उपचुनाव(By-election in Madhya Pradesh) से पहले शिवराज सरकार(Shivraj government) ने बड़ा फैसला लिया है। जहां पिछली सरकार कमलनाथ(KamalNath) के लिए फैसलों की जांच के लिए सरकार ने 5 वरिष्ठ मंत्रियों की कमेटी बनाई है। उपचुनाव से पहले पूर्व के कमलनाथ कैबिनेट के सभी फैसलों की जांच की जाएगी। इस कमेटी में कमलनाथ सरकार के मंत्री रहे गोविंद सिंह राजपूत(Govind Singh Rajput) को भी सदस्य बनाया गया है। हालांकि अब यह मुद्दा सियासी रंग पकड़ चुका है। जिस पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता और प्रदेश के कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा(Congress leader and state Congress spokesperson Narendra Saluja) ने बीजेपी(BJP) को घेरते हुए कांग्रेस से बागी नेताओं पर बड़ा बयान दिया है। नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि आखिर 6 माह के मंत्री परिषद के फैसले की समीक्षा के लिए बनाई गई समिति से कमल पटेल(Kamal Patel) और तुलसी सिलावट(tulsi silawat) को बाहर क्यों कर दिया गया।

दरअसल शुक्रवार को 15 महीने की कमलनाथ सरकार के लिए फैसले की जांच के लिए शिवराज सिंह चौहान ने कमेटी बनाई है। वहीं सरकार के इस फैसले को आगामी विधानसभा उप चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है।इस कमेटी का कार्य कमलनाथ कैबिनेट में लिए गए फैसले की जांच करना होगा। जिसपर सवाल उठाते हुए नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई समिति भंग कर दूसरी समिति बना दी गई है आखिर क्या कारण है कि इसमें मंत्री कमल पटेल और तुलसी सिलावट को बाहर रखा गया है।इसके साथ ही नरेंद्र सलूजा ने यह भी कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि एक पर भ्रष्टाचार का और दूसरे पर बड़बोलेपन का कारण सामने आ रहा है।

बता दें कि समिति में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा(Home Minister Narottam Mishra) सहित वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा(Finance Minister Jagdish Devda) खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह(Bisahulal Singh), गोविंद सिंह राजपूत और बृजेंद्र प्रताप सिंह को शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल कमेटी 13 मई से पहले लिए गए फैसले का मूल्यांकन करेगी और इसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करेगी। माना यह भी जा रहा है की कमलनाथ सरकार की खराब निर्णयों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के साथ इसे चुनावी मुद्दे में भुनाने के लिए शिवराज सरकार ने यह बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। सरकार के इस फैसले पर अब सियासत शुरू हो गई है