MP College : UG-PG छात्रों के लिए राहत भरी खबर, विभाग ने लिया बड़ा फैसला

MP College : उच्च शिक्षा विभाग ने मामले में निर्देश जारी किए हैं।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) में सरकारी या प्राइवेट कॉलेजों (private colleges) को खोल दिया गया है। Corona में बंद पड़े MP College को खोलने के साथ ही अब छात्रों के लिए नए नियम बनाए गए हैं। दरअसल पहले के नियम के मुताबिक जिन छात्रों का Vaccine नहीं हुआ था, उन्हें कक्षा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी लेकिन अब 18 वर्ष से कम उम्र की आयु के बिना वैक्सीन वाले छात्रों को क्लास में प्रवेश की अनुमति दी गई है।

दरअसल मध्य प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में नियमित कक्षाओं की शुरुआत होने के बाद ही अब छात्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। MP College में अब बिना वैक्सीन वाले छात्र भी कक्षा में प्रवेश कर पाएंगे। इस मामले में उच्च शिक्षा विभाग ने अपने नियम में संशोधन किया है। मामले में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी कॉलेज और प्रिंसिपल को निर्देश दिए गए हैं कि जिन छात्रों की उम्र 18 वर्ष से कम है। उन्हें कॉलेज जाने से रोका जाए।

मामले में उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि 18 वर्ष के छात्रों के लिए अभी Vaccine उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। जिसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बता दें कि एमपी कॉलेज में यूजी पीजी के लिए एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब कॉलेज में नियमित कक्षाएं भी लगनी शुरू होगी। ऐसे में 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को कक्षा में प्रवेश से मना करने के नियम को बदल दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने मामले में निर्देश जारी किए हैं।

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बता दें कि पहले मध्य प्रदेश कॉलेज में नियमित कक्षाओं की अनुमति दिए जाने के साथ ही रखी गई थी कि जिन विद्यार्थियों द्वारा वैक्सीन की खुराक नहीं ली जाएगी। उन्हें कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में छात्रों को कम से कम First Dose लेना अनिवार्य होना चाहिए। तभी उन्हें कक्षा में प्रवेश की अनुमति होगी लेकिन इस प्रतिबंधित नियम की वजह से 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है।

इसके साथ ही राज्य शासन ने दोनों खुराकों के साथ पात्र व्यक्तियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां दी गई हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने परिवारों को जागरूक करें और उन्हें वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के लिए प्रेरित करें। गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के टीकाकरण का कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाडी एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किया जायेगा।