एमपी कोरोना: भोपाल में आज 308 नए मामले, कमला नगर और बागसेवनिया सबसे संक्रमित

अगर संक्रमण की रफ्तार में कमी नहीं हुई तो भोपाल (Bhopal) प्रदेश का सबसे ज्यादा संक्रमितों वाला शहर बन जाएगा।

भारत

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। राजधानी में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) तेजी से बढ़ रहा है। अगर संक्रमण की रफ्तार में कमी नहीं हुई तो भोपाल (Bhopal) प्रदेश का सबसे ज्यादा संक्रमितों वाला शहर बन जाएगा। फिलहाल इंदौर (Indore) में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज है। इधर शहर में मंगलवार को कोरोना का फिर से एक बड़ा ब्लास्ट हुआ है। आज भोपाल में कोरोना के 308 नए पॉजिटिव मरीज मिले। भोपाल में अब कोरोना का कुल आंकड़ा 17716 हो गया है। अब तक 14913 लोगो कोरोना को मात देकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके है। भोपाल में अब 2150 के करीब एक्टिव केस बचे है। वहीं अब तक 392 लोग कोरोना से अपनी जान गवां चुके है।

यहां मिले मरीज

राजभवन से संबंधित 4 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई। चूना भट्टी थाने से 1 जवान की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। एमपीनगर थाने से 2 जवानों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई। पिपलानी थाने से एक जवान की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। हनुमानगंज थाने से 2 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। सीआरपीएफ के 5 जवानों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई। एम्स से 4 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई। जीएमसी से 1 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई। जेपी अस्पताल से एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटीव आई। लालवानी प्रेस बोर्ड से 4 लोग संक्रमित निकले। परिकर सोसायटी से 4 लोगो की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई।

कमला नगर और बागसेवनिया सबसे संक्रमित

कोरोना संक्रमण के मामले में कमला नगर और बागसेवनिया ने कोलार थाना क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। 28 सितंबर तक की स्थिति में बागसेवनिया थाना क्षेत्र में जहां 191 एक्टिव मरीज है, वही कमला नगर में 179। इसके बाद कोलार, पिपलानी, शाहपुरा, टीटी नगर का नंबर आता है। जहां कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज है। शहर के 41 थाना क्षेत्रों की बात करें तो सिर्फ इन 10 में ही 11 सौ से अधिक एक्टिव केस है। जबकि राजधानी में सभी इलाकों को मिला कर एक्टिव केस की संख्या 2240 है। बावजूद इसके इन क्षेत्रों में संक्रमण रोकने में प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के अफसर पूरी तरह लापरवाह नजर आ रहे हैं। इन क्षेत्रों में ना तो कंटेनमेंट जोन का पता चल रहा है और ना कहीं पालन होता दिख रहा है। बाजार से लेकर छोटी दुकानों तक में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। बड़े स्टोर से लेकर होटल-रेस्टोरेंट तक इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।