CWC Meeting: कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर मध्यप्रदेश में दो धड़ों में बंटी पार्टी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

कांग्रेस(Congress) में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर मतभेद और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व गांधी परिवार से बाहर की किसी व्यक्ति को अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ कि मांग है कि अध्यक्ष गांधी परिवार के किसी सदस्य को होना चाहिए। इसी बीच पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी(Party President Sonia Gandhi) कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने जा रही है।उनका कहना है कि पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष पद पर उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है।

इसी बीच मध्य प्रदेश में एक नया विवाद देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां कांग्रेस के युवा राहुल गांधी(Rahul Gandhi) को अध्यक्ष पद पर देखने की मांग कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ और बुजुर्ग नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी को अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहिए। हालांकि मध्य प्रदेश से मांगे उठी है कि कांग्रेस का अध्यक्ष गांधी परिवार का ही कोई सदस्य हो। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह(Former Chief Minister and Rajya Sabha MP Digvijay Singh) ने तो यहां तक कह दिया है कि पार्टी का आम कार्यकर्ता गैर गांधी अध्यक्ष पर विश्वास नहीं कर पाएगा। दरअसल दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर गांधी परिवार के किसी सदस्य की बैठक की मांग करते हुए कहा है के समय कांग्रेस को एकमत होने का है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस परिवार ने देश की आजादी और उसके बाद जो देश के लिए त्याग और बलिदान दिया है वह सर्वविदित है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि नेहरू-गांधी परिवार(Nehru-Gandhi family) के बिना कांग्रेस की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता। यदि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ना ही चाहती हैं तो राहुल गांधी को अपने जिद को छोड़कर अध्यक्ष पद स्वीकार कर लेना चाहिए।

कमलनाथ की मांग सोनिया रहे अध्यक्ष

वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ(Former Chief Minister Kamal Nath) ने भी दिग्विजय सिंह की बात की वकालत करते हुए कहा है कि सोनिया गांधी को अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहिए वहीं उन्होंने सोनिया गांधी से अपील की है कि वह अध्यक्ष पद के रूप में कांग्रेस पार्टी को मजबूती दे और कांग्रेस का नेतृत्व करती रहें। कमलनाथ ने कहा कि मुझे इंदिरा गांधी(Indira Gandhi), संजय गांधी(Sanjay Gandhi), राजीव गांधी(Rajiv Gandhi), सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त है।40 वर्षों के लंबे समय तक संसद सदस्य के रूप में कांग्रेस पार्टी की सेवा का सौभाग्य मिला है। मैं कई वर्षों तक कांग्रेस पार्टी का महासचिव भी रहा हूं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सोनिया गांधी के खिलाफ तमाम झूठी अफवाह के बावजूद उन्हें 2004 में कांग्रेस पार्टी की जीत का नेतृत्व किया था और अटल बिहारी वाजपेई(Atal Vihari Vajpyee) को घर पर बैठा दिया था। वही कमलनाथ ने कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व पर कोई भी सुझाव बिल्कुल बेतुका है।

इधर जहां एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ सोनिया गांधी को अध्यक्ष पद पर बने रहने की मांग कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के युवा राहुल गांधी को अध्यक्ष पद के रूप में देखना चाहते हैं।

पटवारी ने राहुल गांधी को माना अपना नेता 

प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी(Former minister and Congress leader Jeetu Patwari) ने राहुल गांधी को अपना नेता माना है। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है कि वह राहुल गांधी को अपना नेता मानते हैं और उन्हें इस बात पर गर्व है। इसका साफ मतलब है कि जीतू पटवारी भी राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की वकालत कहीं ना कहीं कर रहे हैं।

आशा की किरण कांग्रेस में सिर्फ राहुल गांधी- अरुण यादव

जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस नेता अरुण यादव(Congress leader Arun Yadav) ने भी राहुल गांधी से अध्यक्ष पद संभालने की मांग की है। अरुण यादव ने कहा कि जिस दौर में आज पार्टी का कार्यकर्ता जहरीली विचारधारा से संघर्ष कर रहा है। ईमानदार मूल्यों और आदर्शों का क्षरण वह अपनी आंखों से देख रहा है। उस दौर में आशा की किरण कांग्रेस में सिर्फ और सिर्फ राहुल गांधी ही है।

वैसे एक बात तो स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस दल गांधी परिवार से ही किसी को अध्यक्ष पद पर देखना चाहता है लेकिन इसमें भी उनके मतों में विविधता है। अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी दो घड़ों में बंट चुकी है। देखना है कि आज होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में किसे अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाता है।