MP News: हजारों शिक्षकों के क्रमोन्नति पर छाया संकट, यह है पूरा मामला

जयश्री कियावत ने कहा है कि प्रदेश में यदि किसी जिले में 1 जुलाई 2018 के बाद 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमोन्नति दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया है तो उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

शिक्षक

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में एक बार फिर लाखों अध्यापकों को बड़ा झटका लगा है। शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार अध्यापकों के उच्च पद के वेतनमान (High post pay scale) पर संकट आ गया है। दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) द्वारा अध्यापकों की पिछली सेवा की वरिष्ठता को सुनने कर दिया गया है। इसके साथ ही अगली क्रमोन्नति की तारीख 1 जुलाई 2018 तय कर दी गई है। यानी अब प्रदेश के करीबन 70000 से अधिक शिक्षकों को अगली क्रमोन्नति 2030 में दी जाएगी।

बता दें कि यह पहला मामला है जब मध्यप्रदेश शासन की ओर से इस तरह के आदेश जारी किए गए हैं। इस मामले में लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत (Jayshree Kiyawat, Commissioner of the Directorate of Public Education) ने आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि नवीन शैक्षणिक संवर्ग में नियुक्त हुए लोक सेवक जिनके द्वारा 12 वर्ष की सेवा एक जुलाई 2018 से इसके बाद पूर्ण की गई हो।

उन्हें क्रमोन्नति दिए जाने के संबंध में आदेश राज्य शासन के निर्देश के बाद जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही अपने आदेश में जयश्री कियावत ने कहा है कि प्रदेश में यदि किसी जिले में 1 जुलाई 2018 के बाद 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमोन्नति दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया है तो उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

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बता दें कि शिक्षक संवर्ग 3 के क्रमोन्नति के लिए सरकार द्वारा तीन आदेश जारी किए गए थे। जैसे पहला आदेश नियुक्ति तिथि से क्रमोन्नति दिए जाने, दूसरा अप्रैल 2007 से जनवरी 2016 के छठे वेतनमान की गणना और तीसरा 1 जुलाई 2018 को नया शिक्षक कैडर बनाए जाने के विषय में था।

नए शिक्षक कैडर के मुताबिक शिक्षकों की पिछले सेवाओं को वरिष्ठता को शून्य कर दिया गया है। साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक व उच्चतर शिक्षक बनाकर उनकी सेवाओं को 1 जुलाई 2018 की सेवाओं से मान्य किया गया है।जिसके बाद अब शिक्षकों की अगली क्रमोन्नति 2030 में होगी। वही इस आदेश के मुताबिक 17000 शिक्षकों को 1 जुलाई 2018 को पहली क्रमोन्नति दी जाएगी वह दूसरी क्रमोन्नति से पहले ही रिटायर हो जाएंगे। बता दें कि तब तक प्रदेश के 70000 से ज्यादा शिक्षक बिना क्रमोन्नति के रिटायर हो जाएंगे।

ज्ञात हो कि इससे पहले 1997 से 2005 तक सेवा में आए शिक्षकों को नियुक्ति के 12 वर्ष पूर्ण होने पर क्रमोन्नति दे दी गई थी। वही 2006 से सेवा में आए शिक्षकों के मामले में उनकी पहली क्रमोन्नति 2018 में मिलनी थी। जबकि शिक्षक संवर्ग 3 में वरिष्ठ शिक्षकों का वेतनमान दे दिया गया था और इनकी अगली क्रमोन्नति 2019 से 21 के बीच होनी थी। जिस पर अब राज्य शासन के आदेश के बाद पूरी तरह से रोक लग जाएगी। वहीं शिक्षकों को अगली क्रमोन्नति 2030 में मिलेगी।