MP News: शिक्षक नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठीं महिला अभ्यर्थी, दी चेतावनी

इस मामले में भाजपा मंत्री राघवेंद्र शर्मा का कहना है कि शिक्षक भर्ती के पास अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल जाना चाहिए था लेकिन बीच में कमलनाथ की सरकार आने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में देरी की गई।

शिक्षक नियुक्ति

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में शिक्षक भर्ती (teacher recruitment) में पास होने के बावजूद हजारों शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जिसके बाद आज महिला दिवस (international woman day) के मौके पर 2018 की शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास होने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज महिला अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला अभ्यर्थी बीजेपी कार्यालय (bjp office) पहुंची। नियुक्ति पत्र (Appointment letter) की मांग करते हुए महिला अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है।

दरअसल महिला अभ्यर्थियों ने कहा है कि अगर जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो प्रदेश भर में आंदोलन किया जाएगा। इतना ही नहीं शिक्षक नियुक्ति को लेकर महिला अभ्यर्थियों ने ‘मामा शिवराज भांजियों की मेहनत का फल दे’ का नारा भी लगाया।

हालांकि इस मामले में भाजपा मंत्री राघवेंद्र शर्मा का कहना है कि शिक्षक भर्ती के पास अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल जाना चाहिए था लेकिन बीच में कमलनाथ की सरकार आने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में देरी की गई। जिसका खामियाजा अब भी शिक्षक अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है।

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बता दे कि 2018 में तत्कालीन सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया था। जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग (school education departtment) के अंतर्गत 17000 उच्च माध्यमिक शिक्षा जबकि 5670 माध्यमिक शिक्षक वहीं आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 2200 जबकि माध्यमिक शिक्षकों के 5700 पदों के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी।

इस परीक्षा का रिजल्ट सितंबर 2019 में घोषित कर दिया गया। बावजूद इसके मध्य प्रदेश की सत्ता में उलटफेर और उपचुनाव के कारण शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया अधूरी रह गई। इसके साथ ही प्रदेश के करीबन 30,000 भावी शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया।