MP: आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत, बिगड़ा बजट

सी एल मुकाती ने कहा कि कोरोना संकट में रोजगार ठप होने के कारण लोगों को दोहरी मार पड़ रही है। पिछले दो माह के दौरान पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। परिवहन व्यवसाई मानते है कि कोरोना के कारण पहले ही लोग परेशान हैं। यदि ऐसे में मालभाड़ा बढ़ाना पड़ा तो लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ जाएंगी।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पेट्रोल और डीजल (petrol-diesal) के मूल्य में लगातार हो रही वृद्धि का असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि आम जनता के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट व्यापारियों के लिए भी चिंता का कारण बनी हुई है। जिस पर इंदौर ट्रक ऑपरेटर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष सी एल मुकाती (CL Mukati) ने सरकार से बड़ी मांग की है।

दरअसल सी एल मुकाती ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें प्रदेश के आम नागरिकों की जेब पर भारी पडऩे लगी हैं। नागरिकों का कहना है कि पेट्रोल की कीमत बढऩे की वजह से उनके घर का बजट बिगड़ गया है। वहीं ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भी डीजल की कीमतें बढऩे की वजह से वाहन चलाना मुश्किल हो गया है बचत जीरो हो गई है। नागरिकों का कहना है कि सरकार को पेट्रोल डीजल मूल्यवृद्धि पर अंकुश लगाने के कड़े प्रयास करना चाहिए।

सी एल मुकाती ने बताया कि इंदौर में रविवार को पेट्रोल के दाम 99.50 प्रति रूपये लीटर के पार पहुंच गया। वहीं डीजल 87.85 हो गया है। जानकारों का कहना है कि लगातार मूल्य वृद्धि के चलते यात्रा व्यय के साथ महंगाई बढऩे और मालभाड़ा बढऩे से विभिन्नन वस्तुओं की उत्पादन लागत और परिवहन लागत बढ़ जाएगी, जिसका खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। पिछले कुछ दिनों में जिस प्रकार से दाम बढ़े हैं, इससे पहले कभी ऐसी बढ़ोतरी नहीं हुई।

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सी एल मुकाती ने कहा कि कोरोना संकट में रोजगार ठप होने के कारण लोगों को दोहरी मार पड़ रही है। पिछले दो माह के दौरान पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। परिवहन व्यवसाई मानते है कि कोरोना के कारण पहले ही लोग परेशान हैं। यदि ऐसे में मालभाड़ा बढ़ाना पड़ा तो लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ जाएंगी। पिछले एक सप्ताह के दौरान डीजल और पेट्रोल में प्रति लीटर तीन रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में जिस तरह बढ़ोतरी हो रही हैं उससे मालभाड़ा बढ़ेगा। इससे महंगाई बढऩा तय है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पडऩे वाला है।

बढ़ती कीमतों पर अंकुश जरूरी

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष सी एल मुकाती ने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों को जी एस टी के दायरे में लाने से कीमतों पर अंकुश लग सकता है। कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर पेट्रोलियम कंपनियों को फायदा पहुंचाना एवं केन्द्र एवं राज्य सरकार ज्यादा टैक्स लगाकर मुनाफा कमाया जा रहा है। पेट्रोल डीजल के मूल्य बढऩे से महंगाई बढ़ेगी और आम जनता पर बोझ पड़ेगा।

बढ़ेगी महंगाई

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष सी एल मुकाती ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में लगातार बढ़ोतरी होने से माल भाड़ा बढऩा तय है। बसों में यात्री किराया भी बढ़ेगा। मालभाड़ा बढऩे से वस्तुओं की उत्पादन लागत और माल को इधर से उधर पहुंचाने का किराया भी बढ़ेगा। जिससे महंगाई बढ़ेगी और लोगों को अतिरिक्त मूल्य चुकाना होगा।

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बिगड़ा घरों का बजट

वैसे तो कोरोना काल में सरकार लोगो को राहत देने के बड़े-बड़े वादे कर रही थी,लेकिन पिछले कई दिनों से बढ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों ने सरकार पर सवाल उठा दिए हैं। आज लोगो के घरों का बजट बुरी तरह से गड़बड़ाया हुआ है। सरकार को इस बारे में उचित कदम उठाने चाहिए।

अनुचित है मूल्यवृद्धि

मुकाती ने कहा कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर तो कच्चे तेल के दाम कम हो रहे हैं, लेकिन यहां पिछले कई दिनों से दामों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है, जोकि उचित नहीं हैं। यहां तो कोरोना की तरह ही रोजाना बढ़ रहे तेल के दाम भी लोगों को डराने लगे हैं। ऐसे में लोगो की समस्या ज्यादा बढ़ गई है। सरकार को तुंरत राहत देनी चाहीए।

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