बीजेपी विधायक का आरोप, मुख्यमंत्री की मंशा को चूना लगा रहे PWD के अधिकारी

यशपाल सिसोदिया का कहना है कि वे पिछली बार विधानसभा में इस मुद्दे को उठा चुके हैं और अगर जरूरत पड़ी तो एक बार फिर इस मुद्दे को विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के निर्माण भवन में बैठे अधिकारियों की कारगुजारीयों की वजह से प्रदेश का लोक निर्माण विभाग (public works department) आए दिन सुर्खियों में है।कोरोना काल में जिस तरह से मुख्यमंत्री (chief minister) के आदेशों को दरकिनार करते हुए लोक निर्माण विभाग के ईएनसी सी पी अग्रवाल (C P Agarwal) ने चुनिंदा ठेकेदारों को उपकृत किया, उसकी गूंज अब सत्ता के गलियारों में भी गूंज रही है।

मंदसौर से बीजेपी के वरिष्ठ विधायक (bjp mla from mandsaur) यशपाल सिसोदिया (yashpal sisodiya) का तो यहां तक कहना है कि निर्माण विभाग में चेहरा देखकर तिलक किया जाता है और यह स्थिति ठीक वैसी ही है जैसे अंधा बांटे रेवड़ी और चीन्ह चीन्ह कर दे। जिन ठेकेदारों का अधिकतम भुगतान है उन्हें तो बिल्कुल भुगतान नहीं किया गया और न्यूनतम भुगतान वाले ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर दिया गया।

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निर्माण विभाग की इस विसंगति और गड़बड़ी के चलते प्रदेश के कई ठेकेदार हताश और निराश हैं। यशपाल ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा ठेकेदारों के हितों की रक्षा करने की है और इसीलिए उन्होंने हाल ही में परफॉर्मेंस गारंटी 2% ठेकेदारो को दिए जाने का निर्णय भी लिया है। लेकिन अधिकारी है कि मुख्यमंत्री की मंशा को साफ तौर पर चूना लगा रहे हैं।

यशपाल सिसोदिया का कहना है कि वे पिछली बार विधानसभा में इस मुद्दे को उठा चुके हैं और अगर जरूरत पड़ी तो एक बार फिर इस मुद्दे को विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। यशपाल का यह भी कहना है कि इस तरह की स्थिति मध्यप्रदेश में सड़कों के विकास में भी बाधक बनेगी। उल्लेखनीय है कि ईएनसी सीपी अग्रवाल के कार्यकाल में जिस तरह से अनियमितता और गड़बड़ियों का दौर शुरू हुआ है उसे लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं और आने वाले विधानसभा सत्र में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा सकता है।

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