मप्र सियासत: प्रद्युम्न लोधी का विस सदस्यता से इस्तीफा, अब 25 सीटों पर होंगे उपचुनाव

भोपाल।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया  (Former Union Minister and Rajya Sabha MP Jyotiraditya Scindia)और उनके समर्थकों के बाद कांग्रेस के एक और विधायक प्रद्युमन सिंह लोधी (MLA Pradyuman Singh Lodhi) ने बीजेपी का दामन थाम दिया है।आज रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा (Chief Minister Shivraj and State President VD Sharma) की अध्यक्षता में बीजेपी ज्वाइन कर ली।इसके बाद लोधी ने प्रोटेम स्पीकर मध्यप्रदेश विधानसभा रामेश्वर शर्मा (Protem Speaker Madhya Pradesh Legislative Assembly Rameshwar Sharma) को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।इसी के साथ अब एमपी(MP) में एक और विधानसभा सीट खाली हो गई है, जिस पर उपचुनाव होना है। अब कुल मिलाकर 25 सीटों पर उपचुनाव(BY Election) होना है।ये 25 सीटें बीजेपी-कांग्रेस (BJP-Congress) का एमपी में भविष्य तय करेंगी।जहां बीजेपी के लिए सरकार बचाना चुनौती होगी वही कांग्रेस के लिए कमबैक का बड़ा टास्क।

दरअसल, दमोह निवासी लोधी छतरपुर की बड़ामलहरा विधानसभा सीट से आते है। पिछली विधानसभा चुनाव में लोधी ने भाजपा सरकार में राज्यमंत्री ललिता यादव को भारी मतों से हराया था। अब चुंकी लोधी बीजेपी में शामिल हो गए है, ऐसे में एक बार फिर यहां उपचुनाव की स्थिति बन गई है।हमेशा से इस सीट पर लोधी, राजपूत और यादव समुदाय का खासा प्रभाव रहा है। लोधी भी उमा के सजातीय है। टीकमगढ़ के इलाके में उमा भारती(uma bharti) का वर्चस्व माना जाता है। लोधी भी उनके ही समाज से आते हैं, ऐसे में वे अपने इलाके के कांग्रेस विधायक को भाजपा में ले आईं। खास बात यह है कि जब 2003 में पहली बार उमा भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं तब वह मलहरा सीट से ही विधायक चुनी गईं थीं, हालांकि उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा और आठ महीने बाद ही उन्हें सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी। इस सीट से उनके भाई स्वामी प्रसाद भी विधायक रहे चुके हैं।इस सीट पर करीब 2 लाख मतदाता है जिनमें पिछड़े वर्ग की आबादी सबसे ज्यादा है।

यही वजह रही कि लोधी की एंट्री में बीजेपी की फायर ब्रांड पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का खास योगदान रहा। प्रद्युम्न सिंह भाजपा में शामिल होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बंगले पर पहुंचे थे। यहां बातचीत होने के बाद वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले। सीएम ने मिठाई खिलाकर पार्टी में उनका स्वागत किया। अब उनके मंत्री बनाए जाने के कयास भी लगाए जाने लगे हैं, क्योंकि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उमा भारती ने बुंदेलखंड और लोधी समाज की अनदेखी के आरोप लगाए थे। इसी को देखते हुए अब उनके मंत्री बनने की संभावना ज्यादा बढ़ गई हैं। सुत्रों की भी माने तो उन्हें बीजेपी की तरफ से मंत्री बनाए जाने का आश्नसन मिला है। बीजेपी से तरफ से लोधी का दोबारा मैदान में उतरना तय है अब देखना है कि कांग्रेस लोधी के काट मे किसी नेता को मैदान में उतरकर इसका बदला लेती है। आने वाले उपचुनाव में इस सीट पर रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

कांग्रेस को बड़ा झटका, 25 सीटों पर उपचुनाव
विधायक प्रद्युमन सिंह लोधी के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।इससे पहले बीते दिनों पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके साथ 22 विधायकों ने बगावत करके कांग्रेस से इस्तीफे दे दिया था और मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार(kamalnath sarkar) अल्पमत में आ गई और गिर गई थी। इसके बाद बीजेपी ने सरकार बना ली थी। वर्तमान में 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 92 हो गई थी। लेकिन अब विधायक प्रद्युमन सिंह लोधी के पार्टी छोड़ने के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 91 हो गई है। वही बीजेपी विधायकों की संख्या 107 है,  अब 24 की जगह 25 सीटों पर उपचुनाव होंगे।यही चुनाव तय करेंगे कि कांग्रेस एमपी में वापसी करेगी या फिर बीजेपी सरकार बचाने में कामयाब होगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का ट्वीट

राजस्थान में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम और एमपी में एक के बाद एक विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल चिंता जाहिर की है। उन्होंने एमपी में कांग्रेस विधायक लोधी के भाजपा में शामिल होने के बाद ट्वीट करते हुए कहा कि ‘अपनी पार्टी को लेकर चिंतित हूं। क्या हम तभी जांगेंगे जब सारे घोड़े हमारे अस्तबल में से जा चुके होंगे।’ट्वीट के माध्यम से सिब्बल ने पार्टी हाईकमान को नसीहत दी है। इसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे है।

 

(भोपाल से पूजा खोदाणी की रिपोर्ट)