MP School: बदले नियम, स्कूलों को अब ऐसे भुगतान होगी राशि

स्कूल शिक्षा विभाग

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में 5 अगस्त से MP Board 9वीं-12वीं की कक्षाएं संचालित होने वाली है। वहीं प्रदेश में सरकारी स्कूलों (MP School)  में केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जीरो बैलेंस का खाता तो खोल लिया गया है लेकिन अब इस मामले में स्कूलों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल 5 अगस्त 9वी और 12वीं के स्कूल खोले जाएंगे। ऐसे में MP School स्कूल प्रशासन द्वारा कई तरह की जरूरी सामान की खरीदी करने की लंबी प्रक्रिया में अब पैसा बड़ी वजह बन सकती है।

दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने से पहले Corona guideline के पालन को लेकर निर्देश जारी किए हैं जिसके मुताबिक स्कूलों में साबुन, सैनिटाइजर (sanitizer) की व्यवस्था सहित शौचालय की दो बार सफाई कराने अनिवार्य होगी। इसके लिए साफ सफाई के सामान खरीदने होंगे। वहीं अब MP School द्वारा सामग्री की खरीदी के बाद उसके दिल को दिखाने के बाद ही लोक शिक्षण संचनालय (public education department)
द्वारा स्कूलों को भुगतान किया जाएगा।

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दरअसल स्कूल प्रबंधन को अब हर छोटे से छोटे काम के लिए अधिकारियों को पहले बिल दिखाने होंगे। अब तक सरकारी स्कूल में अलग-अलग बैंक खाते होते थे। इन खातों में स्कूल स्तर पर प्रबंधन जरूरत के सामान के लिए खर्च की राशि अदा की जाती थी। वहीं अब राज्य स्तर पर सिंगल बजट खत्म होने के बाद स्कूल के किसी भी काम से पहले बिल विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) के समक्ष लगाने होंगे। BRC द्वारा DPC को भेजे जाने के बाद उस बिल का भुगतान किया जाएगा।

दरअसल DPC द्वारा स्कूलों के बिल को राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा जाएगा। जहां लंबी प्रक्रिया से गुजरने के बाद स्कूलों को भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार की योजनाओं की राशि को एक सिंगल बचत खाता खोलने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग (Madhya Pradesh School Education Department) द्वारा 30 जून को सभी सरकारी प्राइमरी, मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल के 90000 खातों को जीरो बैलेंस (Zero Balance) कर दिया गया था। वही राज्य स्तर पर सिंगल बचत खाते में इन खातों को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी की गई थी।