ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

एट्रोसिटी एक्ट के एक मामले में गवाह एक छात्र की पांच लोगों ने मिलकर धारदार हथियारों से हत्या कर दी। हत्या करने वाले पांचों युवक उस मामले में आरोपी है। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। हत्या का विरोध करते हुए परिजनों ने शव को थाना परिसर में रखकर हंगामा किया। इसी समय क्षेत्र के पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल परिजनों से मिलने गए तभी किसी ने उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंक दिया जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और कांच टूट कर पूर्व विधायक को लग गया जिससे वो मामूली घायल हो गए। हालांकि पुलिस ने इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया है।

शहर के सिरोल थाना क्षेत्र में हुरावली के पास जाटव मोहल्ले में रहने वाले छात्र पारस जौहरी(जाटव) की पांच लोगों ने बीती रात घर में घुसकर धारदार हथियारों से हत्या कर दी। टीआई केपी यादव के मुताबिक पारस अपने दो भाईयों के साथ घर में पहली मंजिल पर पढ़ रहा था। रात करीब डेढ़ बजे दोनो भाई नीचे आ गए और पारस अपने कमरे में सो गया। रात को करीब डेढ़ बजे पारस खून से लथपथ चिल्लाता हुआ नीचे आया और बेहोश होकर गिर पड़ा। कुछ परिजन पारस को संभालने लगे कुछ उपर की तरफ भागे तो माँ इंद्रा को पांच लोग उदयवीर बघेल, जीतू बघेल, कृष्णा बघेल, उमेश बघेल और अनिल बघेल पड़ोसी की छत से भागते हुए दिखे। परिजन घायल पारस को लेकर अस्पताल भागे जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

रात भर घर में कोहराम मचता रहा। सुबह परिजन शव को लेकर सिरोल थाने पहुँच गए और शव को रखकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाकर शव की पड़ताल करवाई और उसे पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों को उचित कार्र वाई का भरोसा दिलाकर रवाना कर दिया। पुलिस के मुताबिक पिछले दिनों क्षेत्र के अंबेडकर पार्क को लेकर एक एट्रोसिटी एक्ट का मामला दर्ज हुआ था जिसमें मृतक गवाह था।

पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल पर हमले की खबर

सूचना मिलते हुए क्षेत्र के पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल वहाँ परिजनों से मिलने पहुंचे लेकिन बताया जाता है कि किसी ने उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंक दिया जिससे उनकी गाड़ी का कांच टूट गया और गाड़ी में बैठे पूर्व विधायक को चुभ गया जिससे वो मामूली रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि पूर्व विधायक यहाँ से तत्काल चले गए और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया और घर में बैठे गए। बताया ये भी जा रहा है कि उन्होंने अपनी क्षत्रिग्रस्त गाड़ी को भी कहीं दूर रखवा दिया। लेकिन खास बात ये है कि पुलिस ने इस घटना की पुष्टि नहीं की है लेकिन सोशल मीडिया से लेकर शहर भर में पूर्व विधायक के घायल होने की चर्चा आग की तरह फैल गई है।

हत्या से जुड़ा ये है पूरा मामला

छात्र पारस की हत्या की वजह 27 मई को हुआ विवाद है। सिरोल थाने में फरियादी सुनील जाटव ने एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें पुलिस ने एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था उसमें अन्य लोगों के साथ पारस भी गवाह था। शिकायत में कहा गया था कि 27 मई को जब ये लोग मोहल्ले के अंबेडकर पार्क में बैठे थे तभी उदयवीर बघेल, कृष्णा बघेल, उमेश बघेल, जीतू बघेल और अनिल बघेल आये और नारे लगाने लगे। जब इन्हें टोका गया तो इन लोगों ने जातिगत अपमान किया और अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने की धमकी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने पांचो आरोपियों के खिलाफ fir दर्ज कर ली। और मामला जांच में ले लिया लेकिन अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। मृतक के मामा के मुताबिक इन पांचों आरोपियों ने कुछ दिन पहले मामला वापस लेने की चेतावनी देते हुए जान से मारने की धमकी दी थी और अब उसे पूरा कर उनके भांजे की जान ले ली। उनका कहना था कि यदि पुलिस आरोपियों को पकड़ लेती तो आज उनका भांजा जिंदा होता।