मुरैना लौटे कोटा में फंसे 117 छात्र, जांच के बाद सभी होम क्वारेंटाइन

मुरैना।संजय दीक्षित।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्रों को राजस्थान कोटा से वापस लाने की मुरैना से करीब 5 बसें भेजी गई थी।जिसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कलेक्टर  प्रियंका दास ने मुरैना आर टी ओ एवं आरटीआई के साथ बैठक कर निर्णय लिया गया।

50 सीटों वाली इन बसों में 20 से अधिक छात्रों को बैठने की अनुमति नही दी जाएगी।वहीं कोटा से मुरैना में आने से पूर्व उन छात्रों को तीन जगह स्क्रेनिंग की गयी।कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे करीब 117 छात्र थे।जिनमे से कुछ छात्र लॉक डाउन से पहले वापस मुरैना जिले में आ गए थे कुछ छात्र छात्राएं वही हॉस्टल में रुक गए थे।उनको लाने के लिए बसें भेजी गयी थी।बसों के अंदर खाने पीने की चीजों के साथ दवाइयों की भी व्यवस्था की गयी थी।इसके साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगायी गयी थी।जिससे अगर कोई परेशानी आती हैं तो उसका निराकरण निकाला जा सके।

मध्यप्रदेश के सैकंडों बच्चे राजस्थान के कोटा शहर में तैयारी के लिए गए थे और लोक डाउन के कारण वापस नही आ पा रहे थे।उनके घर वापसी के लिए घरवाले परेशान थे।बच्चो के माता पिता ने सरकार से अपने बच्चों को वापस लाने के लिए गुहार लगाई और सरकार ने तुरंत बसों की व्यवस्था कर कोटा के लिए भेज दी।सभी 5 बसों को जाने से पहले और कोटा से वापस मुरैना आने से पहले सेनेटाइजेशन किया गया उसके बाद ही रवाना किया गया।बच्चों को लाने के लिए प्रभारी बनाए गए डिप्टी कलेक्टर पांडे जी का कहना हैं कि स्क्रेनिंग टेस्ट करने के बाद बच्चो को खाना खिलाकर सकुशल वापस मुरैना जिले में उनके माता पिता को सुपुर्द कर दिया हैं और आरोग्य सेतु एप्पलीकेशन के माध्यम से उनका चेकअप किया जाएगा और सभी 97 बच्चों को 14 दिन के लिए होम कोरोनटाइन में रहने का आदेश दिया हैं।सभी बच्चों ने प्रशासन का किया धन्यवाद।

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