नागा घाटी- एक ऐसी जगह जो दे रही बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण, खौफ में रहते हैं यहां से गुजरने वाले

जबलपुर।संदीप कुमार

बरसात के दिनों में जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की नागा घाटी बहुत ही खतरनाक हो जाती है। यही वजह है कि इस घाटी में से गुजरने वाले लोग हर पल दहशत में रहते हैं। करीब 2000 मीटर लंबी यह नागा घाटी से हर समय बड़े-बड़े पत्थर गिरते रहते हैं यही कारण है कि हर वाहन चालक इस घाटी से गुजरते हुए अपने आपको दहशत जुदा महसूस करता है।आज ये नागा घाटी दहशत की घाटी के नाम से भी मशहूर हो गई हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में बनी हुई है नागा घाटी

जबलपुर शहर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बरेला के आगे जाने पर इस नागा घाटी से आपको रूबरू होना पड़ेगा।रायपुर-मंडला जाते वक्त आप इस घाटी से गुजरते हैं तो जरा सावधान रहियेगा क्योंकि हो सकता है कि आप इस घाटी से गुजर रहे हो और आपकी वाहन के सामने अचानक ही बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे।बरसात के समय तो ये घाटी और भी खतरनाक हो जाती है। नागा घाटी से लगे गांव में रहने वाले लोगों का कहना है कि इस घाटी में आए दिन हादसे होते रहते हैं। ऊंचे ऊंचे पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर सड़कों पर आकर गिरते हैं जिसके चलते कई बार तो वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल भी हो जाते हैं

बरसात के समय बढ़ जाते हैं हादसे

स्थानीय लोगों का ये भी कहना है कि नागा घाटी में यू तो पत्थरों के गिरने के हादसे होते ही रहते हैं पर बरसात के समय इस घाटी से गिरने वाले पत्थर बहुत ही खतरनाक साबित होते हैं। अचानक ही इस घाटी से बड़े-बड़े पत्थर भिसकने लगते हैं जो की सीधे सड़कों पर आकर गिरते हैं।इन पत्थरों के सड़कों पर गिरने से कई बार बड़े हादसे भी हुए हैं और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हुए है।यही वजह है कि जब भी इस घाटी से लोग गुजरते हैं तो उनके मन में दहशत बनी रहती है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सुरक्षा के लिहाज से पहाड़ों में लगाई है लोहे की जाली……
लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए इन पहाड़ों पर लोहे की भारी-भरकम जालिया भी लगाई हुई है पर पत्थरों को रोकने के लिए यह जालिया नाकाफी साबित हो रही है।करीब 2000 मीटर लंबी नागा घाटी में एनएचएआई ने कुछ ही स्थानों पर ही यह जालिया लगवा रखी है।यह सही है कि जिस स्थान पर लोहे की जालियां लगी हुई है वहां पर पत्थरों के भसकने की घटनाएं कम ही हो रही है पर वह स्थान जहां पर की जालियां नहीं लगी हुई है वहां घाटियों से पत्थर भिसक कर सीधे वाहनों पर गिरते है।

जबलपुर- रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की नागा घाटी में पत्थरों के भिसकने से हो रहे हादसों को लेकर अब पुलिस अधिकारियों ने भी जल्द ही एनएचएआई के अधिकारियों से मिलकर घाटियों में हो रहे हादसों को रोकने का आश्वासन दिया है।कहा जा सकता है कि अगर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस घाटी को लेकर पहल की तो यहां पर हो रहे हादसों में काफी हद तक गिरावट आएगी पर देखना भी यह होगा कि क्या नागा घाटी को लेकर विभाग और प्रशासन गंभीर होता है या नहीं।

पलक झपकते ही इन ऊंची घाटियों से किस तरह से पहाड़ गिरकर सड़कों पर आ रहे हैं कहा जा सकता है कि जल्द ही अगर इस घाटी पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो हो सकता है कि आने वाले समय में बड़ा हादसा होने की खबर आपके सामने होगी। फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन जरूर दिया है कि इस घड़ी में में पत्थरों के रोकथाम की व्यवस्था को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से बात की जाएगी।