भोपाल।
राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) से पहले एमपी(MP) की सियासत में जमकर बयानबाजी का दौर चल रहा है। कभी सत्ता पक्ष विपक्ष को घेरे में ले रहा तो कभी विपक्ष हमलावर हो रही है। खास बात ये है कि कोरोना संकटकाल के चलते सोशल मीडिया पर दोनों पार्टियों का वार-पलटवार तेजी से चल रहा है। चौधरी राकेश सिंह (Chaudhary Rakesh Singh) के बाद स्वास्थ्य और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Health and Home Minister Narottam Mishra) ने राज्यसभा उम्मीदवार फूल सिंह बरैया (Rajya Sabha candidate Phool Singh Baraiya) को पहली वरियता देने की बात कही है।

नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर लिखा है कि राज्यसभा में दिग्विजय सिंह जी को वरीयता क्रम में प्रथम प्रत्याशी बनाकर और फूल सिंह बरैया जी को राज्यसभा ना भेजकर दलित विरोधी कांग्रेस अपनी सामंती सोच का परिचय दे रही है। मिश्रा का कहना है कि पीड़ित, शोषित, दलित और वंचित वर्ग के साथ कांग्रेस हमेशा से अन्याय करती रही है। फूल सिंह बरैया को राज्यसभा ना भेजकर दलित विरोधी कांग्रेस ने अपना असली चेहरा सबके सामने ला दिया है।इतना ही नही ट्वीटर पर भी मिश्रा ने हैशटैग के साथ #दलितविरोधीकांग्रेस शब्द का प्रयोग किया है।

इससे पहले पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने फूल सिंह बरैया को राज्यसभा भेजने में प्रथम वरीयता देने की बात कह उपचुनाव का गणित बताया था। इसके बाद ही दिग्विजय को लेकर सियासी पारा हाई है, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या कांग्रेस दिग्विजय की जगह बरैया को वरिय़ता देगी या फिर दिग्विजय ही एक बार फिर राज्यसभा में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।