एकांत मुलाकातों में पार्टी का संदेश दे गए संकटमोचक, बोले-“डैमेज नहीं तो कंट्रोल कैसा”

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

भारतीय जनता पार्टी(bjp) में बड़े नेता के रूप में स्थापित हो चुके डॉ नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) पार्टी के लिए कई बार संकटमोचक की भूमिका निभा चुके हैं। कम बोलना और अधिक करना की शैली वाले डॉ मिश्रा का ग्वालियर दौरा भी इन दोनों बातों के इर्द गिर्द ही रहा। उन्होंने ग्वालियर (gwalior) के अपने लगभग दो घंटे के दौरे में चार पूर्व मंत्रियों से घर जाकर मुलाकात की और उनसे एकांत में चर्चा भी की। फिर मीडिया से बोले ” जब कोई डैमेज ही नहीं हुआ तो कैसा डैमेज कंट्रोल”।

प्रदेश में चौथी बार सरकार बनने के बाद शिवराज सरकार (shivraj sarkar) के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा रविवार रात ग्वालियर दौरे पर थे। उपचुनावों से पहले उनका दौरा और ग्वालियर में पार्टी के चार दिग्गज पूर्व मंत्रियों से मुलाकात को राजनैतिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा था। लेकिन अपने काम करने के तरीके के लिए पार्टी में विशेष स्थान बना चुके डॉ मिश्रा ने यहाँ भी वही तरीका अपनाया। चार वरिष्ठ नेताओं से घर जाकर मुलाकात की, अनूप मिश्रा और माया सिंह (Anoop Mishra and Maya Singh) के पैर छूकर कहा आशीर्वाद लेने आया हूँ और नारायण, पवैया से मुलाकात के बाद बोले सौजन्य भेंट करने आया था, हमारे साथी हैं हम मिलते रहते हैं, कोई नई बात नहीं है। आज पारिवारिक बातें करने आया था कोई राजनैतिक बात नहीं हुई बस सौजन्य भेंट थी।

सबसे पहले अनूप मिश्रा के घर पहुंचे, भीड़ देखकर ठिठके, तो अनूप बोले तूने पेपर में जो छपवा दिया था

डॉ नरोत्तम मिश्रा सबसे पहले करीब साढ़े आठ बजे पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद अनूप मिश्रा के सिंधी कॉलोनी स्थित निवास पर पहुंचे। यहाँ दरवाजे पर अनूप मिश्रा की पत्नी शोभा मिश्रा ने डॉ मिश्रा की आरती की, तिलक लगाया। यहाँ नरोत्तम के आने की पूर्व सूचना के चलते कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ थी। जिसे देखकर डॉ मिश्रा ठिठके और अनूप मिश्रा से बोले इतनी भीड़, जवाब में अनूप मिश्रा ने कहा तूने पेपर में जो छपवा दिया था इसलिए मिलने आये। कुछ देर गपशप करने के बाद दोनों ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में गए और करीब आधा घंटे तक एकांत में चर्चा की। मीडिया ने जब डॉ मिश्रा से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ये मेरा घर है अनूप जी मेरे बड़े भाई है। भाई भाभी का आशीर्वाद लेने आया हूँ। मंत्री बनने के बाद भाई साहब ने फोन पर बधाई दी थी जिसे मैंने स्वीकार नहीं किया था अब पैर छूकर वही लेने आया हूँ। नाराजी और डैमेज कंट्रोल के सवाल पर डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब कोई डैमेज ही नहीं हुआ तो कंट्रोल कैसा। नरोत्तम ने बड़ी साफगोई से कहा हमारे बीच कोई राजनैतिक बात नहीं हुई, जब होगी तो बता देंगे। वहीं अनूप मिश्रा ने कहा कि छोटा भाई बड़े भाई से मिलने आया था, ये उसका घर है, हमारे पारिवारिक रिश्ते हैं। घर आकर आशीर्वाद लेने का वादा निभाने आया है। जौरा से टिकट मांगने के सवाल पर चिड़ते हुए अनूप मिश्रा ने कहा कि मैंने कोई टिकट नहीं मांग, मैं तो पहले ही चुनाव नहीं लड़ने के लिए का चुका हूँ। उपचुनाव में उनकी भूमिका के सवाल पर पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री ने कहा कि वे काम में लगे हैं कार्यकर्ताओं को काम सौंप रहे हैं उन्होंने दावा किया कि हम अंचल की सभी 16 सीटें जीतेंगे और इसके लिए मैं प्राण प्रण से जुटा हूँ।

नारायण सिंह और माया सिंह से भी की भेंट

अनूप मिश्रा से मुलाकात के बाद डॉ मिश्रा हारकोटा सीर स्थित पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के घर पहुंचे। यहाँ नारायण सिंह ने उनके पैर छूने का प्रयास किया तो नरोत्तम ने रोक दिया कहा, पैर नहीं छुओ यार अब तो बूढ़े हो चले हो। इस बात पर दोनों ने ठहाके लगाए। यहाँ डॉ मिश्रा करीब 15 मिनट रुके और फिर माया सिंह के घर रानी महल पहुँच गए। स्वागत माया सिंह के पुत्र पीतांबर ने किया। घुसते ही डॉ मिश्रा ने कहा कि मैं लेट तो नहीं हो गया क्योंकि मामा(ध्यानेन्द्र सिंह) जल्दी सो जाते हैं। उसके बाद वे मायासिंह के पैर छूने झुके तो माया सिंह ने रोका इसपर डॉ मिश्रा बोले आप बड़ी हैं आशीर्वाद लेने आया हूँ। यहाँ पूर्व मंत्री ने करीब चालीस मिनट बिताए और चाय नाश्ते के साथ मामी माया सिंह और मामा ध्यानेन्द्र सिंह से बातचीत की।

पवैया को दिया सबसे अधिक समय, लंबी चर्चा की, पवैया बोले कांग्रेस को सांस नहीं लेने देंगे

रानी महल के बाद डॉ मिश्रा पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया के भगत सिंह नगर निवास पर पहुंचे। यहाँ पवैया ने उनकी आरती उतरी तिलक किया, शॉल और श्रीफल देना चाहा जिसे डॉ मिश्रा ने अस्वीकार कर दिया। फिर बुके देकर उनका स्वागत किया। पवैया ने परिजनों से मुलाकात करवाई फिर दोनों नेता एकांत में चर्चा करने चले गए। करीब आधा घंटे दोनों ने एकांत में चर्चा की। हालांकि बाहर आने के बाद डॉ मिश्रा ने फिर दोहराया कि ये सौजन्य भेंट थी। मैं मिलने आया था कोई राजनैतिक बात नहीं हुई । लेकिन पवैया ने मीडिया से कहा कि कहीं कोई नाराजगी नहीं है वे मेरे मित्र हैं मंत्री बनने के बाद पहली बात घर आये थे। उप चुनाव से जुड़े सवाल पर पवैया ने कहा कि जब दो राजनेता मिले हैं तो। राजनैतिक बातें होती हैं हम ऐसी रण नीति बना रहे हैं कि कांग्रेस को अंचल में सांस भी नहीं लेने देंगे और सभी 16 सीटें जीतेंगे। नाराजी के सवाल पर पवैया ने कहा कि कहीं कोई नसजी नहीं हैं। जिन्हें चोला भोले की आदत है उनका कोई कुछ नहीं कर सकता लेकिन भाजपा में कहीं कोई भगदड़ नहीं है। एक सवाल के जवाब में पवैया ने कहा कि हैं मैंने इतना जरूर कहा है कि यदि पार्टी के मूल कार्यकर्ता के आत्मसम्मान को चोट पहुंचेगी तो उन्हें पीड़ा होगी। क्योंकि वे वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पवैया ने कहा कि प्रशासन को भी अब समझना चाहिए की सरकार अब शिवराज की है अब वो इस मोड में आजाये। पवैया के घर के बाद डॉ मिश्रा सीधे सांसद विवेक शेजवलकर के नई सड़क स्थित निवास पर पहुंचे । वहाँ उन्होंने सांसद के परिवार के साथ रात्रि भोज किया। कुछ देर रुकने के बाद डॉ मिश्रा यहाँ से गोविंद पूरी स्थित बड़े भाई आनंद मिश्रा के निवास पर पहुंचे जहाँ उन्होंने विश्राम किया और फिर भोपाल के लिए रवाना हो गए। बहरहाल अपने कुछ घंटे के राजनैतिक दौरे को डॉ मिश्रा ने निजी दौरा बताया लेकिन इसने अंचल के राजनैतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।