दिग्विजय पर “नरोत्तम” का पलटवार- जरुरी नहीं समझता प्रतिक्रिया देना, OBC राजनीति पर कही ये बात

भोपाल।

मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में(In the political corridors of Madhya Pradesh) राजनीतिक क्रियाओं का बिगुल बज चुका है। एक तरफ जहां प्रदेश में उपचुनाव(by-election) को लेकर तैयारी जोरों पर है। वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर इल्जामों की बौछार किए हुए हैं। इन्हीं आरोपों के बीच दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उनके परिजनों के अवैध रेत उत्खनन में फंसे होने के आरोप पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा(Home Minister Narottam Mishra) ने पलटवार किया है। नरोत्तम मिश्रा ने साफ लहजे में कहा है कि वह नरोत्तम के किसी भी आरोप का जवाब देना जरूरी नहीं समझते।

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह(Former Chief Minister and Rajya Sabha MP Digvijay Singh) ने सीएम शिवराज सिंह चौहान(CM Shivraj Singh Chauhan) एवं उनके परिवार जनों पर आरोप लगाया था कि उनका पूरा परिवार अवैध रेत उत्खनन में शामिल है। वहीं उन्होंने पांच दिवसीय यात्रा पर भोपाल आए संघ प्रमुख मोहन भागवत(Sangh chief Mohan Bhagwat) से इसकी रिपोर्ट लेने की भी बात कही थी। जिसके बाद अब गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया है। निशा ने कहा कि भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगाती है और कांग्रेस भाजपा पर। ऐसी स्थिति में किसी भी तरह के आरोप लगा रहे हैं। उनके हर आरोप पर मैं प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझता।

वही जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा ओबीसी के बढ़े हुए आरक्षण पर रोक बरकरार रखने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर ओबीसी जाति के अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया था। जिसके ऊपर बोलते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जाति पर राजनीति करती है। यदि कांग्रेस को लगता है कि बीजेपी ओवैसी और दलितों के अधिकारों का हनन करती है तो वह बताएं कि कांग्रेस ने अब तक कितने ओबीसी नेताओं को सीएम बनाया है। वहीं अगर हम भाजपा की बात करें तो इस मामले में भी हम भाजपा की फेहरिस्त काफी लंबी है। गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि बीजेपी हमेशा से दलित और ओबीसी का साथ देती अाई है। जबकि कांग्रेस ने हमेशा जाति पर राजनीति की है।

बता दें कि विपक्ष का कहा था कि शिवराज सरकार के राज में ओबीसी के साथ अन्याय हो रहा है। अन्य पिछड़े वर्ग को उसके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।वहीँ कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था। उसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण विधेयक विद्धेष की बली नहीं चढ़ने पाए। कांग्रेस ने कहा था कि मध्यप्रदेश में अकेले अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या लगभग 54 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सरकार ने अनुसूचित जाति/ जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की तरक्की और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अनेक कार्य किये हैं। अब उनको उनका हक़ मिलना चाहिए।