चाचौड़ा तहसील फर्जी प्रविष्टि मामले में नया मोड़

गुना। विजय कुमार जोगी।

चाचौड़ा तहसील में और कुंभराज तहसील में 1 वर्ष पूर्व जो कंप्यूटर में शासकीय जमीन के संबंध में फर्जी प्रविष्टियों का मामला प्रकाश में आया था। जिसमें तत्कालीन एसडीएम महोदय द्वारा 7 पटवारियों को सस्पेंड किया गया था। उनकी विभागीय जांच संस्थित की गई थी इसके अलावा बाद में जांच में लगभग 18 पटवारी हल्कों में फर्जी प्रविष्टियों का मामला संज्ञान में आया था। जिसमें सभी पटवारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी और जो फर्जी प्रविष्टियों की गई थी उनको कंप्यूटर से डिलीट किया गया था। रिकॉर्ड को पूरी तरह क्लीन कर दिया गया था।

अभी सभी दोषी पटवारियों में से 12 पटवारियों की विभागीय जांच पूर्ण होने के उपरांत 5 पटवारियों जिनमें चाचौड़ा तहसील के ऋतुराज रागी, रघुवीर सिंह यादव दौजी राम राठौर और कुंभराज तहसील के मिथुन सोनी और अरविंद को इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड होने के कारण को सेवा समाप्ति का दंड दिया गया है। बाकी 7 पटवारियों में से 5 की चार वार्षिक वेतन वृद्धि या संचयी प्रभाव से रोकी गई है क्योंकि इनके पासवर्ड से फर्जीवाड़ा हुआ था। वह फर्जीवाड़ा मास्टरमाइंड पटवारियों के द्वारा ही किया गया था। परंतु अपने पासवर्ड की पर्याप्त सावधानी एवं गोपनीयता ना रखने के कारण इनको वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के दंड से दंडित किया गया है। 2 पटवारी जिन्होंने इस घोटाले का खुलासा किया था। उनकी भी दो वेतन वृद्धि या संचयी प्रभावसे रोकी गई है। इस पूरे प्रकरण में करीब 19 पटवारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्कृत की गई थी। जिसमें 12 लोगों की विभागीय जांच पूर्ण हो कर उपरोक्त कार्रवाई की गई है। बाकी 7 पटवारियों की विभागीय जांच शीघ्र पूर्ण होकर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जावेगी।