अब “दामिनी” बचाएगी आकाशीय बिजली से लोगों की जान, मौसम विभाग ने जारी की सूचना

बालाघाट।सुनील कोरे

राणा हनुमान सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत के मार्गदर्शन में बालाघाट जिले में भारत सरकार की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना संचालित की जा रही हैं। जिसमें मौसम वैज्ञानिक धर्मेद्र आगासे द्वारा जिले में लोगों को मौसम की अनुकूलता एवं प्रतिकूलता के बारे में जागरूक किया जा रहा हैं। इसी कड़ी में मौसम की सबसे प्रतिकूल स्थिति आकाशीय बिजली हैं। इससे बचाव के लिए मौसम विभाग द्वारा एक एप्प जारी किया गया है, जो इस प्राकृतिक आपदा आकाशीय बिजली से लोगों को बचाएगा।

गाज गिरने से पहले अब “दामिनी’’ एप लोगों को सावधान करेगा। जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को सतर्क कर जान बचाई जा सकेगी। बता दें कि प्रत्येक साल 50 से 100 आकाशीय बिजली गिरने की घटना होती हैं। यह एप्प बिजली गिरने के 30 से 40 मिनट पहले अलर्ट करता हैं। इससे जानमाल की क्षति से काफी हद तक बचा जा सकता हैं। यह एप्प सचेत करता हैं, कि बिजली गिरने वाली हैं और आप इस क्षेत्र से हट जाएं या अंदर चले जायें। मौसम विभाग के अनुसार वज्रपात से भारत में प्रतिवर्ष लगभग 2000 से 2500 लोगों की मौतें हो जाती हैं। इन घटनाओं का सटीक पूर्वानुमान एक चुनौती हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मौसम विज्ञान, पुणे पृथ्वी मंत्रालय के तहत संस्था ने देश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 48 सेंसर के साथ एक लाइटिंग लोकेशन नेटवर्क स्थापित किया हैं।

पुणे में केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई के लिए रखा गया हैं। यह नेटवर्क बिजली के गड़गड़ाहट और वज्रपात की गति के बारे में सटीक जानकारी दे रहा हैं। इस नेटवर्क का उपयोग करते हुए आईआईटीएम ने एक मोबाईल एप्प ’दामिनी’ विकसित किया हैं। यह एप्प लाइटनिंग हमलों का सटीक स्थान 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में वज्रपात के संभावित स्थानों आदि की जानकारी दे रहा हैं। आम जन एवं किसान दामिनी मोबाईल एप्प को अपने मोबाईल में इंस्टाल करके वर्षा के दिनों में आकाशीय बिजली गिरने की सटीक सूचना पाकर जानमाल की रक्षा कर सकते है।