Indore में अब No Vaccine-No Entry फार्मूला, बैठक में प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा के निर्देश

तीसरी लहर की तैयारी के लिए डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण सहित आवश्यकता अनुसार जरूरी इंतजाम को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। प्रदेश के गृहमंत्री डॉ मंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को इंदौर पहुंचे। जहां उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर पहुंचकर श्री गणेश का आशीर्वाद लिया वहीं दूसरी ओर Indore में BJP की कोर कमेटी (core committtee) की बैठक में भी शामिल हुए। गृह और इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा इंदौर में कोरोना नियंत्रण हेतु समीक्षा कर रहे हैं।

इंदौर में हुई कोरोना आपदा पर बैठक में प्रभारी मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि अब सार्वजनिक स्थानों सहित किसी भी संस्थान में No Vaccine-No Entry के फार्मूले पर काम किया जाए। दरअसल यह प्रस्ताव सामने आया था कि निजी अथवा सरकारी संस्थाओं में No Vaccine-No Salary का फार्मूला अपनाया जाए लेकिन इससे अलग राय रखते हुए नरोत्तम मिश्रा ने निर्देश दिए कि नो वैक्सीन-नो एंट्री फार्मूला ज्यादा बेहतर है और उसका व्यापक असर होगा।

बैठक में जिले में कोविड के प्रति जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यों में पॉजिटिव प्रकरणों का विश्लेषण, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, फीवर क्लीनिक में सेंपलिंग, माइक्रो कंटेन्मेंट जोन की, ऑक्सिजन की स्तिथि, जिलों में एम्बुलेंस व्यवस्था, पुलिस की व्यवस्था सहित अन्य जुड़े मुद्दे की अधिकारियों से जानकारी ली।

व्यापक जन जागरूकता और कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए प्रबंध पुख्ता करने के लिए निर्देश

वैक्सीनेशन और मास्क लगाने को लेकर जनजागरण करने, जिले के ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को कोविड अस्पताल के रूप में बनाने सहित कोरोना की तीसरी लहर के देखते हुए शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तर की क्षमता बढ़ाने और अस्पतालों में कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज के इंतजामों को पूर्ण करने के साथ ही कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी के लिए डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण सहित आवश्यकता अनुसार जरूरी इंतजाम को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान उन्होंने बैठक में  बीजेपी कार्यकर्ताओं को तवज्जो मिलने को लेकर कोर कमेटी की बैठक में 40 समितियां बनाने की बात कही जो सत्ता और संगठन के बीच समन्वय का काम करेगी जिसकी बागडोर बीजेपी के छोटे कार्यकर्ताओं के हाथ में भी रहेगी। उन्होंने बैठक में साफ किया कि 15 दिनों में जिला स्तरीय तो अगले 2 माह में प्रदेश स्तरीय समितियां बनाई जाएगीं।