मुख्यमंत्री की मंशा पर खरे नहीं उतर पा रहे अफसर, जल्द हो सकती है बड़ी सर्जरी

सूत्रों के मुताबिक, इस सर्जरी में करीब आधा दर्जन जिलों के एसपी से लेकर कलेक्टरों को बदला जा सकता है| मुरैना की घटना के बाद उन अफसरों की सूची तैयार की जा रही है जो परफॉर्मेंस और असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही में प्रभावशील साबित नहीं हो पा रहे हैं|

MPसीएम शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में जल्द ही बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) की मंशा अनुसार काम को अंजाम न देने वाले अधिकारियों पर गाज गिर सकती है| इसमें कई जिलों के एसपी (SP) और कलेक्टर (Collector) बदले जा सकते हैं| मुरैना (Morena) में हुई घटना को लेकर सीएम की नाराजगी के बाद एसपी और कलेक्टर को बदला गया था| सूत्रों के मुताबिक परफॉर्म न कर पाने वाले अफसरों की सूची तैयार कर ली गई है|

दरअसल, उपचुनाव निपटते ही सीएम शिवराज ने लगातार बैठकें कर अफसरों को अपराधियों, माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे| इनमे फर्जी चिटफंड कंपनियों, नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के निर्देश दिए थे| सीएम सार्वजानिक मंचों से माफियाओं को बर्बाद करने की चेतावनी देते रहे| इस बीच मुरैना में जहरीली शराब पीनी से कई लोगों की मौत हो गई| इस घटना से शिवराज बेहद नाराज बताये जा रहे हैं| सूत्रों के मुताबिक, सीएम के सख्त तेवरों के बाद भी माफियाओं और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को ठीक तरीके से अंजाम न देने वाले मैदानी अफसरों को सरकार ने बदलने की तैयारी कर ली है|

बदले जा सकते हैं कई जिलों के एसपी और कलेक्टर
सूत्रों के मुताबिक, इस सर्जरी में करीब आधा दर्जन जिलों के एसपी से लेकर कलेक्टरों को बदला जा सकता है| मुरैना की घटना के बाद उन अफसरों की सूची तैयार की जा रही है जो परफॉर्मेंस और असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही में प्रभावशील साबित नहीं हो पा रहे हैं| इस सर्जरी में कुछ बड़े अफसर भी प्रभावित हो सकते हैं| जो अपने विभाग के काम में सुस्त रवैया दिखा रहे हैं|

बड़ी घटना के बाद ही क्यों खुलती है नींद.?
मुरैना की घटना के बाद मुरैना सहित प्रदेश भर में आबकारी अमला सक्रिय हो गया है| पुलिस भी कौन कौन से ढून्ढ ढून्ढ कर अवैध शराब का जखीरा पकड़ रही है| जबकि इससे पहले अवैध शराब को लेकर ऐसी कार्रवाई नजर ही नहीं आ रही थी| जाहिर है पुलिस के संरक्षण में यह अवैध धंधे पनपते हैं| ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि बड़ी घटना के बाद ही प्रशासन और पुलिस की नींद क्यों खुलती है| इस तरह के कई सवाल सरकार तक भी पहुँच रहे हैं|