कांग्रेस जॉइन करते ही सिकरवार का विरोध शुरू, दलित समाज का कांग्रेस कार्यालय पर हंगामा

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| भाजपा (BJP) में कई दशकों तक राजनीति करने वाले सतीश सिकरवार (Satish Sikarwar) ने आज मंगलवार को भोपाल में कांग्रेस की सदस्यता तो ले ली लेकिन कांग्रेस (Congress) में उनके बढ़ते विरोध को देखते हुए लगता नहीं है कि उनकी राह आसान होने वाली है। सतीश सिकरवार के विरोध में कांग्रेस कार्यालय पर बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग पहुँच गए और विरोध में नारेबाजी करने लगे। उन्होंने सतीश सिकरवार पर कई गंभीर आरोप लगाए। दलितों ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने सतीश सिकरवार को टिकट दिया तो पूरा दलित समाज इसका बहिष्कार करेगा और पूरे प्रदेश में भी कांग्रेस को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

सतीश सिकरवार ने आज मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचकर पीसीसी चीफ कमलनाथ के सामने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके कांग्रेस परिवार में शामिल होते ही ग्वालियर में कांग्रेस समर्थकों ने हंगामा कर दिया। शिंदे की छावनी स्थित कार्यालय पर पहुंचे दलित समाज के महिला पुरुषों ने सतीश के कांग्रेस में शामिल होने का विरोध किया। कार्यालय पहुंचे दलित समाज के महिला पुरुषों ने इस दौरान सतीश सिकरवार मुर्दाबाद के नारे तक लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही, खुद को सामाजिक कार्यकर्ताऔर कांग्रेस नेता अशोक सिंह तोमर समर्थक बताने वाली राधिका सैनी ने सतीश सिकरवार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल 2018 को हुई घटना में सतीश सिकरवार राजा चौहान के साथ थे। राधिका ने उनके समाज की महिलाओं और बच्चियों के साथ भी अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो लोग दलितों को पैर की जूती समझते हैं और पैसों पर खरीदने की कोशिश करते हैं ऐसे लोगों को यदि कांग्रेस टिकट देती है तो चुनावों का बहिष्कार होगा। यदि सतीश सिकरवार को कांग्रेस टिकट देती है हमारे समाज का एक भी वोट नहीं मिलेगा।

नारे लगाने से रोकने पर कांग्रेस नेताओं के साथ हुआ वाद विवाद

दलित समाज के लोग जब कार्यालय के अंदर नारे लगा रहे थे तो कार्यालय में मौजूद कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हे ऐसा करने से रोका तो महिलाएं भड़क गई कहने लगीं हमारी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके साथ आये पुरुष कार्यकर्ताओं से भिड़ गए। दोनो के बीच बहुत देर तक वादा विवाद होता रहा। इस बीच इन लोगों ने सतीश सिकरवार विरोधी नारे तेज कर दिए। तभी कुछ वरिष्ठ नेता वहाँ पहुँच गए और उन्हें शांत कराया।

 

पार्टी नेताओं ने इसे सिंधिया समर्थकों का षडयंत्र बताया
दलित समाज के लोग जब कांग्रेस कार्यालय पर हंगामा कर रहे थे तो वहाँ पहुंचे पार्टी के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी महाराज सिंह पटेल ने उन्हें समझाया कि आप अपनी बात अध्यक्ष के सामने रखना जब तक वे आते हैं आप शांत बैठिये। पार्टी कार्यालय में आप पार्टी के नेताओं के विरोध में नारे नहीं लगा सकते। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये लोग आये उससे स्पष्ट है कि किसी ने इन्हें भेजा है। क्योंकि दलित पिछड़ा और अल्पसंख्यक हमेशा कांग्रेस के साथ रहा है इसलिए कांग्रेस को जीतता देख कुछ भाजपा के लोग और कुछ सिंधिया समर्थक नेता जो हमारी पार्टी में रहते हुए सिंधिया से मिले हैं वो लोग षड्यंत्र कर रहे हैं और कांग्रेस को चुनौती दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस डरने वाली नहीं है।

 

जिला अध्यक्ष ने लिया ज्ञापन कहा आपकी बात उपर पहुंचा देंगे
हंगामे की सूचना पर जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा कांग्रेस कार्यालय पहुंचे उन्होंने दलित समाज के लोगों से बात की और उनका ज्ञापन लिया। समाज के लोगों ने कहा कि सतीश सिकरवार दलित विरोधी हैं यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है तो समाज उनका और कांग्रेस का बहिष्कार करेगा। डॉ शर्मा ने कहा कि टिकट का फैसला हाई कमान करता है मैं आपकी बात ऊपर तक पहुंचा सकता हैं। बहरहाल जिस तरह से कांग्रेस जॉइन करते ही दलित समाज के लोगों ने कांग्रेस कार्यालय पर हंगामा किया उससे साफ है कि पार्टी में सतीश की राह आसान नहीं है। गौरतलब है कि रविवार को कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने दलबदलू को टिकट देने पर काम नहीं करने की चेतावनी दी थी।

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