Ordnance Factory: प्रबंधक के खिलाफ कर्मचारी यूनियन, लगाए गंभीर आरोप

जबलपुर।संदीप कुमार

देश की सबसे बड़ी केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ऑर्डन्स फैक्ट्री खमरिया में कोविड-19 के दौर में कर्मचारियों और जी.एम के बीच चरम सीमा में प्रतिरोध शुरू हो गया है।कोरोना वायरस के काल मे जीएम रविकांत महेष्वरी ने तीन शिफ्ट में कर्मचारियों को बुलाया है जिसको लेकर कर्मचारियों में रोष है लिहाजा आज से कर्मचारी यूनियन ने फैक्ट्री प्रबंधक के खिलाफ हल्ला बोलने की तैयारी शुरू कर दी है।

तीन शिफ्ट का नही है कोई औचित्य

कर्मचारी नेता अरुण दुबे ने बताया कि फैक्ट्री प्रबधंन ने तीन शिफ्ट में कर्मचारियों को बुलाया है।पहली शिफ्ट 6:30 से 3:30 बजे तक है जबकि दूसरी शिफ्ट1:30 से 10:30 बजे तक है और तीसरी रात 10:30 से 6:30 बजे तक।इसके साथ ही इसी समय ठेके मजदूर भी रहेंगे।ऐसे में कहा जा सकता है कि दोपहर 1:30 बजे से 3:30 तक 90% कर्मचारी फैक्ट्री में रहेगा जिससे कि न ही सेनेट्राइज हो सकेगा और न ही सोशल डिस्टेन्स का पालन।अब फैक्ट्री प्रबंधन के इस कदम को लेकर कर्मचारियों में भय बना हुआ है।
कोविड-19 की गाईडलाईन का भी खुले आम उलंघन हो रहा है।

जी.एम रविकांत महेष्वरी पर संगीन आरोप

कर्मचारी नेता अरुण दुबे का आरोप है कि वर्तमान महाप्रबंधक ऑर्डन्स फैक्ट्री खमरिया आने के बाद से लगातार ट्रेड यूनियनों की साख बर्बाद करने का षड्यंत्र रच रहे है कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन गतिविधियों से दूर करने की योजनाबद्ध नीति भी बना रखी है।आरोप है कि जीएम रविकांत महेष्वरी ने बिना किसी की जानकारी के अक्टूबर-नवंबर माह में कई सेक्शन के कर्मचारियों को गैरेंटी वेज में डाल दिया यह ना ही यूनियन को पता चला और ना ही फैक्ट्री के कर्मचारियों को। जब यूनियन को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने एडमिन बिल्डिंग का घेराव किया तब जाकर गैरेंटी वेज के षड्यंत्र का खुलासा हुआ।कर्मचारी नेताओ का यह भी आरोप है कि कोरोना काल में जब सबको ड्यूटी से छूट मिली थी तब भी फैक्ट्री प्रबंधन कुछ लोगों को काम पर बुलाया करते थे। खास बात यह है कि पूरे कोरोना लॉक डाउन के समय 100 प्रतिशत अधिकारी फैक्ट्री आ रहे थे और उनकी फैक्ट्री आने की वजह यह थी कि उन्हें पूरा वेतन मिले भले ही उन्होंने कुछ भी काम ना किया हो।

निगमीकरण की लड़ाई से पहले अब जीएम से होगी लड़ाई,होगी हड़ताल

आयुध निर्माणी खमरिया के जनरल मैनेजर रविकांत महेश्वरी का कर्मचारियों के प्रति तुगलकी फरमान जारी करना यह कहीं से भी किसी को रास नहीं आ रहा है यही वजह है कि अब कर्मचारियों ने नगरीकरण की लड़ाई के साथ-साथ जनरल मैनेजर के खिलाफ भी लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है ऐसे में फैक्ट्री की तीनों यूनियन ने एक साथ होकर निर्णय लिया है कि फैक्ट्री के जीएम रविकांत महेश्वरी के खिलाफ आंदोलन करते हुए आगामी समय मे हड़ताल की रूपरेखा भी बनाई जा रही है।

पहले दिन ही सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां

आयुध निर्माणी फैक्ट्री के जी.एम ने कोरोना वायरस को देखते हुए रक्षा मंत्रालय और जिला प्रशासन को आश्वान दिया था कि फैक्ट्री में सोशल डिस्टेन्स और कोविड-19 की गाइडलाइंन को फॉलो किया जाएगा पर पहले दिन ही सोशल डिस्टेन्स की जमकर धाज्जिया उड़ी।कर्मचारी भीड़ लगाकर फैक्टरी के अंदर गए।

बहुत से कर्मचारी आए हैं दूसरे राज्यों से

कोरोना वायरस में लगे लॉग डाउन के पहले फैक्ट्री के बहुत से कर्मचारी दूसरे राज्यों में थे।अब जबकि लॉक डाउन हट गया है तो आज से फैक्ट्री में 100 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है ऐसे में वह कर्मचारी भी फैक्ट्री आ रहे हैं जो कि दूसरे राज्यों में थे।अब उन कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है जो कि दूसरे राज्य से आए कर्मचारियों के साथ काम करेंगे। कहा जा सकता है कि अगर एक व्यक्ति भी कोरोना वायरस संक्रमण मिला तो पूरी फैक्ट्री के हजारों लोग इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।