मरीज के पॉजिटिव होने की पुष्टि के बाद लोगों को किया गया क्वारंटाइन, संदिग्ध की खोज जारी

कटनी।वंदना तिवारी।

कोरोना(corona) पॉजिटिव(positive) का पहला केस(case) आने के 48 घंटे के बाद भी दो जिले के जिम्मेंदार यह पता लगाने में नाकाम रहे हैं कि महिला आखिर कोरोना संक्रमित कैसे हुई? यह स्थिति तब है जब सीताबाई की कटनी में 27 अपै्रल को सैंपल भेजने से दस दिन पहले भी जबलपुर(jabalpur) जिले के सिहोरा स्थित अस्पताल(hospital) में एनिमिया की शिकायत पर भर्ती कर इलाज किया गया। वहां से17 अप्रैल को कोरोना जांच की पहले सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहां महिला के स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर परिजन दरौली खुर्द ले गए।

24 अप्रैल को कटनी शहर के गड्ढाटोला निवासी भाई दोपहिया में लेकर मायके कटनी पहुंचा। लखेरा के विश्वकर्मा अस्पताल में परीक्षण के बाद दो दिन इलाज चला। 26 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों(doctors) ने संदिग्ध मानकर 27 अप्रैल को सैंपल भेजा। इधर, अस्पताल में इलाज के दौरान जरूरी एहतियात बरतने में बड़ी लापरवाही सामने आई।

महिला के वार्ड(ward) में 6 मरीजों को भर्ती कर दो दिन तक इलाज किया गया। 29 अप्रैल को सीताबाई की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद दूसरे मरीजों से अलग कर देररात जबलपुर रैफर किया गया। इस बीच महिला के संपर्क में आने वाले 60 लोगों की पहचान की गई है। आइसोलेशन में रहने की हिदायत के साथ ही जरूरी होने पर जांच के लिए सैंपल लिया जा रहा है।

कोरोना का चैन तोडऩे के लिए जिले में टोटल लॉकडाउन लागू है। सीमाएं सील है। किसी को भी इमजरेंसी में ही घर से निकलने की छूट है। इन सबके बीच सीताबाई के संपर्क क्षेत्र में 61लोग आए हैं। इसमें पति गेंद सिंह, सास भगवती बाई, पुत्र जित्तू और शनि, विवाहित पुत्री रजनी, केवलारी बहोरीबंद निवासी भाई संजय सिंह और पत्नी सपना सिंह उनके पुत्र सत्येंद्र और मनेंद्र, भाई मंजे सिंह, पत्नी साक्षी सिंह और पुत्री समीक्षा व सोनी, स्वर्गीय भाई की पत्नी कपसा सिंह, शहर गड्ढा टोला निवासी बुआ हरी बाई, फूफा चेतराम का पुत्र अखिलेश और पत्नी अलका उनके पुत्र अभिमन्यु, शनि व पड़ोसी दोस्त सुमित व अमित और उनके पिता नरेश कोरी सहित जिला अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्टॉफ मिलाकर वार्ड में भर्ती मरीज दीपक सिंह, संध्या सिंह, अशोक साहू, बिहारी लाल, मंगोबाई कोल व तुलसा कोल सहित अन्य शामिल हैं।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अमला भले ही सीताबाई के कोराना पॉजिटिव होने की सोर्स का पता नहीं लगा पाई हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि उसमें जो लक्षण हैं वे जबलपुर में मिलने वाले मरीजों से मेल खाती है। सीएमएचओ डॉ. एसके निगम ने बताया कि जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। सीताबाई को इलाज के लिए जबलपुर रैफर किया गया है। उसके कोरोना पॉजिटिव होने के सोर्स का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए कटनी और जबलपुर की टीम जुटी है।

यह भी जानें
– सीताबाई 15 अप्रैल को सिहोरा अस्पताल में भर्ती हुई। 17 को रिपोर्ट भेजने के बाद 19 को निगेटिव आई और दो दिन बाद उसे गांव दरौलीखुर्द जाने दिया गया।
– दरौली खुई सिहोरा 375 लोगों की बस्ती है। बताया जा रहा है स्थानीय प्रशासन ने गांव सील कर दिया है।
– 24 अप्रैल को लखेरा स्थित विश्वकर्मा अस्पताल में भर्ती के बाद नईबस्ती स्थित मंगतराम अस्पताल में एक्सरे के लिए ले जाया गया। दोनों अस्पताल के डॉ. अशोक विश्वकर्मा और डॉ. विशंभर लालवानी और स्टॉफ भी संपर्क हिस्ट्री में शामिल।
– बहन को चोरी छिपे कटनी लेकर पहुंचा था भाई, पुलिस को देखते ही कुछ दूर तक वाहन से उतारकर चलाता था पैदल।
– 18 वर्षीय पुत्र सनी ने बताया कि मां सिहोरा में इलाज करवाने के अलावा और कहीं नहीं गई है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर वह कोरोना पॉजीटिव कैसे हुई।