सिंधिया गुट के मंत्रियों का खतरा टला

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में छिंदवाड़ा निवासी महिला याचिकाकर्ता आराधना भार्गव की याचिका में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने आज शिवराज सरकार को बड़ी राहत दी है| कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है| यह याचिक उपचुनाव से पहले लगाईं गई थी| इससे पहले कोर्ट ने इस सम्बन्ध में सरकार को नोटिस भी जारी किये थे|

ज्योतिरादित्य सिंधिया

जबलपुर, संदीप कुमार| कांग्रेस (Congress) छोड़ भाजपा (BJP) में शामिल हुए वर्तमान मंत्रियों के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (Highcourt) में लगी याचिका को आज खारिज कर दिया है| याचिका खारिज होने के बाद से शिवराज सरकार (Shivraj Government) को इस मामले में बड़ी राहत मिली है| ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) गुट के मंत्रियों का खतरा फिलहाल टल गया है|

दरअसल, छिंदवाड़ा निवासी वकील आराधना भार्गव ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और इस याचिका में दलील दी गई थी कि दल बदल कर दूसरी पार्टी में शामिल हुए मंत्रियों का होना गलत है और क्यो न सरकार को बर्खास्त किया जाए| मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में छिंदवाड़ा निवासी महिला याचिकाकर्ता आराधना भार्गव की याचिका में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने आज शिवराज सरकार को बड़ी राहत दी है| कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है| यह याचिक उपचुनाव से पहले लगाईं गई थी| इससे पहले कोर्ट ने इस सम्बन्ध में सरकार को नोटिस भी जारी किये थे|

बता दे कि पिछले साल मार्च महीने में हुए बड़े सियासी उलटफेर के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 22 विधायक भाजपा में चले गए थे। इस दलबदल के कारण कांग्रेस सरकार गिर गई थी, जिसके बाद भाजपा सरकार बनाने में सफल रही और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद तीन और कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। इन पूर्व विधायकों में से दो को पहले मंत्रिमंडल गठन में स्थान मिला और फिर कैबिनेट विस्तार में 12 पूर्व विधायकों को मंत्री बनाया गया| इसके बाद उपचुनाव हुए और तीन मंत्रियों को छोड़कर बाकी सभी उपचुनाव जीत कर फिर से विधायक बन गए|