ग्वालियर के शताब्दीपुरम में मिले पिपरसाना के अपह्त पंडित, पुलिस ने की पूछताछ

भिंड।गणेश भारद्वाज।

कथा करवाने के नाम पर अज्ञात लोगों के द्वारा अपहृत किए गए पंडित सतीश शर्मा को भिँड पुलिस में ग्वालियर शताब्दीपुरम स्थित एक सुने मकान से खोज निकालने में सफलता प्राप्त की है। पंडित सतीश शर्मा को अपहरणकर्ताओं के द्वारा 2 दिन से भोजन नहीं दिया गया था जिसकी वजह से वे काफी भूखे थे पुलिस की टीम ने सबसे पहले पंडित जी को मुक्त करा कर उन्हें फल इत्यादि खिलबाये और फिर उनसे उनके अपहरण संबंधी पूछताछ शुरू की।

ज्ञात हो कि मंगलवार की दोपहर कुछ अज्ञात बदमाशों के द्वारा पंडित जी के गांव पिपरसाना पहुंचकर गांव के बाहर से फोन लगाया गया कि पंडित जी हमें दंदरौआ धाम पर कथा करवानी है आप हमारे साथ कथा पढ़ने के लिए चलिए, पंडित जी बदमाशों के झांसे में आ गए और कथा पढ़ने के लिए कार में सवार होकर दंदरौआ धाम की ओर चल पड़े, बाद में पंडित सतीश शर्मा के पिता रमेश शर्मा पर 30 लाख रुपए फिरौती के लिए फोन आया तो इस बात की रिपोर्ट गोहद थाने में अपह्त पंडित जी के पिता रमेश शर्मा के द्वारा की गई।

चूंकि लंबे समय से भिँड में अपहरण की कोई वारदात नहीं हुई थी और अपहरण उद्योग पूरी तरह से समाप्त हो चुका था इसलिए पुलिस हरकत में आई और इस अपहरण के मामले में सक्रियता से काम करने लगी। पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव कंचन के नेतृत्व में पंडित सतीश शर्मा को अपहरणकर्ताओं से मुक्त कराने की दिशा में कार्य शुरू किया । करीब 2 दिन के पश्चात पुलिस की टीम को ग्वालियर के शताब्दीपुरम स्थित एक खाली बंद पड़े फ्लैट में पंडित जी के होने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस ने वहां पहुंचकर ताले तोड़े तो अंदर बंधे हुए पंडित सतीश शर्मा को मुक्क्त कराया।

पुलिस ने यहां से एक आरोपी को भी पकड़ा है अब उक्त आरोपी से व अपह्त किए गए पंडित जी से पूछताछ की जा रही है और अपहरण में शामिल अन्य लोगों की तलाश में भी पुलिस जुटी हुई है।
ज्ञात हो कि पिछले 15 दिनों में भिँड में तीन बड़ी वारदातें हुई। जिनका पुलिस ने कुछ ही घंटों में पर्दाफाश किया , जिसमें पहले क्रम पर जिला चिकित्सालय से कैदी के फरार होने की घटना जिसे शाम होने तक पुनः पुलिस ने गिरफ्त में लिया वही दंदरौआ धाम से करीब 20 लाख की चोरी का खुलासा भी पुलिस ने कुछ ही घंटों में कर दिया इसके बाद में पंडित सतीश शर्मा के अपहरण का मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था और पुलिस ने तीसरे दिन पंडित जी को बिना किसी फिरौती के मुक्त करवा लिया। पंडित जी को कुशलता पूर्वक मुक्त कराने के लिए सोशल मीडिया पर लोगों के द्वारा पुलिस को बधाई दी जा रही है और पुलिस अधीक्षक सहित पूरी टीम का आभार व्यक्त किया जा रहा है।