क्वैड सम्मलेन : भारत और अमेरिका मिलकर करेंगे बहुत कुछ, द्विपक्षीय बैठक में जो बिडेन ने किया पीएम मोदी से वादा

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर बैठक में भाग लेने के लिए रविवार को जापान पहुंचे है। इस दौरान आज पीएम मोदी अपने समक्ष अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बातचीत की।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। चार देशों द्वारा शुरू की गई इस अनूठी पहल में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं, भारत-प्रशांत क्षेत्र के विकास पर चर्चा करेंगे। इस साल क्वैड सम्मलेन का आयोजन जापान की राजधानी में आयोजित किया जा रहा है।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर बैठक में भाग लेने के लिए रविवार को जापान पहुंचे है। इस दौरान आज पीएम मोदी अपने समक्ष अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बातचीत की।

हाल ही में दोनों नेताओं ने 11 अप्रैल को रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक-दूसरे से वर्चुअल मोड में बातचीत की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं से भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और अन्य विभिन्न कई मुद्दों पर चर्चा की।

आइये, आपको विस्तार से बताते है दोनों के बीच किन मुद्दों को लेकर चर्चा हुई –

पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, “मुझे खुशी है कि हम यूएस डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन के लिए भारत में इस छोटे से काम को जारी रखने, वैक्सीन उत्पादन, स्वच्छ ऊर्जा पहल का समर्थन करने के लिए समझौता कर चुके हैं। इंडो-यूएस वैक्सीन एक्शन प्रोग्राम का नवीनीकरण भी एक अहम पहल है।”

उधर, इस बैठक में पीएम मोदी ने भारत और अमेरिका की साझेदारी को विश्वास की नींव पर टिकी साझेदारी बताया। पीएम ने कहा, “हमने आज एक सकारात्मक और उपयोगी क्वाड समिट में एक साथ भाग लिया। भारत और अमेरिका की साझेदारी सही मायने में विश्वास की साझेदारी है। हमारे साझा हितों और मूल्यों ने हमारे दोनों देशों के बीच विश्वास के इस बंधन को मजबूत किया है।”

रूस-यूक्रेन तनाव को लेकर भी हुई बातचीत

बैठक के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने पिछले तीन महीने से रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के बारे में भी चर्चा की। बता दे इस युद्ध को लेकर दोनों देशों का नजरिया अलग-अलग रहा है, जहां एक तरफ भारत ने इसकी निंदा नहीं की है वहीं अमेरिका, ब्रिटेन के साथ अन्य यूरोपियन देश रूस पर दवाब बनाने के लिए भारत की तरफ ताकते हुए नजर आए है। लेकिन इस सब की बीच भारत ने अपना फैसला अभी तक नहीं बदला है। उधर अमेरिका रूस को इस युद्ध में नतमस्तक करने के लिए लगातार यूक्रेन को हथियारों के साथ जरुरी चीजें मुहैया करा रहा है।

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भारत और अमेरिका मिलकर करेंगे बहुत कुछ

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम भारत के साथ सबसे करीबी बनने की पूरी कोशिश जारी रखेंगे।

मोदी ने कहा, “हम हिंद-प्रशांत पर द्विपक्षीय स्तर और समान विचारधारा वाले देशों के साथ समान विचार साझा करते हैं, ताकि हमारी साझा चिंताओं की रक्षा के लिए काम किया जा सके। आज की हमारी चर्चा इस सकारात्मक सोच को और गति देगी।”

वहीं बाइडेन ने कहा, “प्रधानमंत्री जी, हम मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं और करेंगे भी।मैं अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी को सबसे करीबी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।”

व्यापार और निवेश संबंधी पहलू पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ” हमारे पीपल-टू-पीपल टाई और मजबूत आर्थिक सहयोग भारत और अमेरिका की साझेदारी को अनोखा बनाते हैं। हमारे व्यापार और निवेश संबंध भी लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन वे हमारी क्षमता से कम हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे विश्वास है कि अमेरिकी निवेश प्रोत्साहन समझौते के समापन के साथ हम अपने दोनों देशों के बीच निवेश में ठोस प्रगति देखेंगे।”

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आपको बता दे पीएम मोदी और बाइडेन के बीच शिखर सम्मेलन मार्च 2021 में अपनी पहली वर्चुअल बैठक, सितंबर 2021 में अमेरिका में व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन और मार्च 2022 में वर्चुअल बैठक के बाद क्वाड लीडर्स समिट में यह चौथी बातचीत है।

बाइडेन के बाद पीएम मोदी के नव-निर्वाचित ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी संभावना है।