खेल, डेस्क रिपोर्ट। पूजा सिहाग ने महिलाओं के 76 किग्रा वर्ग के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की नाओमी डी ब्रुइन को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। कुश्ती में भारतीय पहलवानों ने बिल्कुल वैसा ही प्रदर्शन किया है, जैसी उनसे उम्मीद थी। भारत के लिए सबसे सफल स्पर्धाओं में से एक कुश्ती में 11वां मेडल है। पिछले आयोजन यानि कि गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में 12 मेडल जीते थे।

इससे पहले उन्हें महिला फ्रीस्टाइल 76 किग्रा में कनाडा की जस्टिना डि स्टासियो से सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, जबकि उन्होंने न्यूजीलैंड की मिशेल मोंटेग को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

आपको बता दे, हरियाणा से आने वाली 25 वर्षीय पूजा सिहाग का जन्म हांसी शहर में एक किसान परिवार में हुआ और उनके पहलवान बनने का सपना उनके पिता ने ही देखा था। पूजा ने केवल 13 साल की उम्र में कुश्ती खेलना शुरु किया था। पूजा ने जूनियर एशियाई चैंपियनशिप 2014, 2015 और 2017 में ब्रॉन्ज और 2016 में सिल्वर मेडल जीता था। 2021 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।